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Siddharthnagar News: पिछड़ेपन से बाहर निकलने में देश में दूसरे स्थान मिला

Thu, 23 Nov 2023 02:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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फोटो नीति आयोग के अंतर्गत आकांक्षी 122 जिलों में शुमार है सिद्धार्थनगर
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ओवर ऑल परफार्मेंस में दूसरे में स्थान पर है जिला, मिले हैं कई अवाॅर्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। पिछड़ेपन से बाहर निकलने में सिद्धार्थनगर की रफ्तार अच्छी है। नीति आयोग के अंतर्गत 112 आकांक्षी जिलों में सिद्धार्थनगर के विकास की ओर बढ़ने में जिला दूसरे स्थान पर है। बेहतर कार्याें के लिए जिले में कई बार अवॉर्ड भी प्राप्त हो चुके हैं। विकास की यही रफ्तार रही तो समीक्षा के दौरान जिला आकांक्षी जिलों से बाहर हो सकता है।
नीति आयोग के अंतर्गत वर्ष 2018 में पांच मानकों के आधार पर हुए सर्वे में सिद्धार्थनगर पिछड़े जिलों में शुमार हो गया। उसके बाद स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जलस्रोत संरक्षण, वित्तीय समावेशन व कौशल विकास एवं बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर में विकास कार्य हुए हैं तो रैंकिंग सुधरी है।
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दिसंबर 2019 में आई पहली रिपोर्ट के अनुसार, ओवर ऑल फरफार्मेंस स्कोर में 32 फीसदी वृद्धि हुई है। दिसंबर 2019 में 35.93 प्रतिशत स्कोर था, जो अब में 47.73 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसी प्रकार मासिक रिपोर्ट की तुलना में ओवर ऑल कंपोजिट स्कोर में 50 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

हर क्षेत्र में हुए विकास कार्य
क्षेत्र मई 2018 अब वृद्धि दर
स्वास्थ्य एवं पोषण 45.3 73.7 45.3
शिक्षा 37.4 54.5 45
कृषि एवं जल संसाधन 12.4 26.3 110
वित्तीय समावेशन एवं कौशल विकास 24.1 33.6 35
आधारभूत संरचना 69.5 84.1 25

ये हुए विकास कार्य
कालानमक की कीमतों में दोगुनी वृद्धि, 15,000 हेक्टेयर हुआ रकबा

प्रसव केंद्रों की संख्या 66 से बढ़ाकर 118 की गई
जिले में 400 स्कूलों में स्मार्ट क्लास की शुरुआत हुई
14 स्कूलों व 14 आंगनबाड़ी केंद्रों को मॉडल बनाया गया
12 कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में कंप्यूटर लैब बनाई गई
1068 स्कूलों में बॉल पेंटिंग के जरिए बच्चों को प्रेरित किया
लक्ष्य के अनुसार 98.24 प्रतिशत संपर्क मार्गों का निर्माण
वर्ष 2022-23 में अमृत सरोवर में प्रदेश में बेहतर कार्य
राजकीय पुस्तकालय का आधुनिकीकरण
ग्राम पंचायतों में इंटरनेट कनेक्टिविटी

पुरस्कार में मिले 13 करोड़ रुपये
नीति आयोग के अंतर्गत सिद्धार्थनगर को पांच बार अच्छी रैकिंग मिली। इसमें 13 करोड़ रुपये पुरस्कार राशि मिल चुकी है। इस राशि से विकास कार्य हुए हैं। इसी रकम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेवा में पीआईसीयू का निर्माण, मॉडल स्कूल, राजकीय पुस्तकालय बनाने जैसे कार्य हुए हैं। सितंबर 2023 में आधारभूत संरचना में सिद्धार्थनगर को ओवर ऑल डेल्टा रैंकिंग में देश में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। इसके लिए पुरस्कार प्राप्त होगा।
कालानमक के क्षेत्र में अच्छे कार्यों के लिए तत्कालीन जिलाधिकारी दीपक मीणा को पीएम अवाॅर्ड और जिले को 20 लाख रुपये पुरस्कार मिला। जनवरी 2020 में वित्तीय समावेशन के अंतर्गत तीन करोड़ रुपये, फरवरी 2020 में ओवर ऑल रैंकिंग में द्वितीय स्थान पर दो करोड़ रुपये, जनवरी-फरवरी 2021 में कृषि एवं जल संसाधन पर अच्छी रैंक पर तीन करोड़ रुपये, मई 2022 में शिक्षा के क्षेत्र में राज्य में प्रथम रैंक पर तीन करोड़ रुपये पुरस्कार मिले।

डिलीवरी प्वाइंट बनने से मिल रहीं सुविधाएं
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बांसी क्षेत्र के रैनाजोत के उपकेंद्र में बेहतर सेवाएं मिलने से लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। वहां टीकाकरण एवं परिवार नियोजन एवं प्रसव के मामले में अच्छा कार्य हुआ है। एएनएम सुभावती ने बताया कि अप्रैल से अक्तूबर तक 233 डिलीवरी हुई है, जबकि कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र भेजा गया।

बनी स्पेस लैब और संपर्क मार्ग
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प्राथमिक विद्यालय हसुड़ी औसानपुर में स्पेस लैब बनाई गई है। इस ग्राम पंचायत को बाल हितैषी पंचायत के अंतर्गत देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। 2.56 लाख पंचायतों में चयन हुआ। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने अवाॅर्ड दिया। ग्राम प्रधान दिलीप त्रिपाठी ने बताया कि वर्ष 2019 में ग्राम पंचायत में संपर्क मार्ग का अभाव था, जबकि 200 हेक्टेयर क्षेत्र में 11 किमी पिच रोड का निर्माण हो रहा है, जबकि गांव जाने के इटवा डुमरियागंज मुख्य मार्ग से हसुड़ी औसानपुर के लिए नई सड़क बन रही है।

सरकारी स्कूल में कॉन्वेंट जैसी सुविधाएं




स्वास्थ्य क्षेत्र में करेंगे सुधार : सीडीओ
कस्बों में नवजातों के इलाज के लिए बेहतर कार्य करने का लक्ष्य है। सीएसआर प्रोजेक्ट के अंतर्गत एक करोड़ रुपये से कार्य करने की योजना है। सीएचसी सिरसिया, इटवा, शोहरतगढ़, बांसी, मिठवल व खेसरहा में भी नवजात के इलाज की व्यवस्था की जाएगी। इसमें एक रेडिएंट वाॅर्मर व फोटो थेरेपी की सुविधाएं होंगी। नीति आयोग के अंतर्गत आशा एवं एएनएम सेंटर का निर्माण हो रहा है। जबकि सीएसआर प्रोजेक्ट का ट्राॅमा सेंटर लगभग तैयार हो गया है।
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-जयेंद्र कुमार, सीडीओ

वर्जन
नीति आयोग के अंतर्गत सिद्धार्थनगर में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। पांचों पैरामीटर पर अच्छे कार्य हो रहे हैं और 13 करोड़ रुपये पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। इस गति को निरंतर कायम रखा जाएगा और इससे भी बेहतर परिणाम देने का प्रयास किया जा रहा है। वित्तीय समावेशन एवं कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सीएसआर प्रोजेक्ट से भी रैंकिंग और बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है।
-पवन अग्रवाल, जिलाधिकारी
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