- आर्थो व न्यूरो के ओपीडी में आने वाले मरीजों को हो रही सबसे अधिक परेशानी
- प्रतिदिन 150 से अधिक मरीजों की होती है एक्सरे की जांच
- नए भवन में एक्सरे की सुविधा नहीं होने से मरीजाें को हो रही परेशानी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में इलाज की प्रक्रिया मरीजों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। यहां चिकित्सक और जांच सुविधाएं अलग-अलग भवनों में संचालित होने से खासकर आर्थो और न्यूरो ओपीडी में आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज में आर्थो व न्यूरो विभाग की ओपीडी नए भवन में संचालित की जा रही है जबकि एक्सरे की सुविधा पुराने भवन में उपलब्ध है। ऐसे में डॉक्टर द्वारा एक्सरे लिखे जाने के बाद मरीजों को एक भवन से दूसरे भवन तक बार-बार चक्कर लगाना पड़ रहा है। हड्डी व नसों से संबंधित मरीजों के लिए यह दूरी तय करने से तकलीफ और भी बढ़ जा रही है। कई भवन का चक्कर लगाने से मरीज को एक दिन में होने वाले इलाज के लिए दो दिन भाग-दौड़ करनी पड़ रही है।
मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन करीब 150 से अधिक मरीजों का एक्सरे किया जाता है, इसमें न्यूरो व आर्थो विभाग के मरीज सबसे अधिक होते है। जांच व इलाज के दौरान कमर व पैर में चोट लगने वाले मरीजों को सबसे अधिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है। नए भवन में एक्सरे की सुविधा न होने से मरीजों के साथ उनके परिजनों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई मरीज दर्द में होने के कारण चलने-फिरने में असमर्थ होते हैं, फिर भी उन्हें दूसरे भवन तक जाना मजबूरी बन गया है।
बोले मरीज
कमर दर्द का इलाज करवाने के लिए मेडिकल कॉलेज में आए थे। चिकित्सक के एक्सरे करवाने की सलाह पर जानकारी लेने पर पता चला कि पुराने भवन में जाना पड़ेगा। कमर में दर्द अधिक होने से आने जाने में तकलीफ हो रही है, ऐसे में परेशानी और बढ़ गई।
मनोज, मरीज
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पहले चोट लगने से शरीर में दर्द रहता है। डॉक्टर को दिखाने आए तो उन्होंने एक्सरे जांच लिखी, लेकिन जांच के लिए दूसरे भवन में जाना पड़ा। इससे साथ आए परिजनों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। एक ही जगह सुविधा नहीं होने से परेशानी बढ़ गई।
जितेंद्र चौरसिया, मरीज
वर्जन
नए भवन में एक्सरे को संचालित करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। मरीजों को असुविधा न हो इसके लिए तीन जगहों पर पहले से ही एक्सरे कराया जाता है। जल्द ही नए भवन में भी सुविधा मिलेगी।
- प्रो. राजेश मोहन, प्राचार्य