- नेपाल के दो जिलों में मस्जिद में तोड़फोड़ के बाद बढ़ गया विवाद, नेपाल सरकार अलर्ट मोड में
- मधेश में बड़ी संख्या में है दो धर्म के लोग, सीमावर्ती इलाके में सुरक्षा एजेंसियों ने बढ़ाई सख्ती
- बढ़नी से लेकर ककरहवा बार्डर तक जिले की 68 किलोमीटर सीमा पर सशस्त्र सीमा बल और पुलिस के जवान अलर्ट
सिद्धार्थनगर। नेपाल के धनुषा जिले में उपजे धार्मिक उन्माद के बाद नेपाल सरकार ने अलर्ट जारी कर दिया है। मामला दो समुदाय से जुड़ा होने के कारण बाॅर्डर पर भारतीय सुरक्षा एजेंसी भी सतर्क हो गई हैं। सीमावर्ती इलाके में दो समुदाय की बड़ी आबादी और धार्मिक स्थल होने से विवाद होने की आशंका को देखते हुए चौकसी बढ़ा दी गई है। इन आशंकाओं को देखते हुए नेपाल सरकार भी सतर्क है।
मंगलवार को ककरहवा से लेकर बढ़नी तक जिले नेपाल से लगने वाली 68 किलोमीटर सीमा पर विशेष चौकसी देखने को मिली है। नेपाल में जांच जारी थी। इसके साथ एसएसबी और सीमावर्ती थाने की पुलिस संयुक्त रूप से हर व्यक्ति, वस्तु और वाहन की सघन जांच करते हुए नजर आए। इसके अलावा बाॅर्डर पर काम करने वाली जांच एजेंसियां भी अपने स्तर से जांच कर रही हैं।
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खुनुवां सीमा हाई अलर्ट पर
खुनुवां। नेपाल के धनुषा जिले के कमला म्युनिसिपैलिटी-6 स्थित सखुवा मारन गांव में बीते शनिवार को एक मस्जिद में तोड़फोड़ और धार्मिक ग्रंथ जलाए जाने की घटना के बाद क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव फैल गया। इस घटना के बाद भारत-नेपाल सीमा पर स्थित खुनुवां बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। पुलिस के अनुसार, दो युवकों द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो से रक्षाबंधन पर्व को लेकर भ्रामक संदेश फैल गया, जिसके बाद हालात बिगड़ गए। धनुषा पुलिस प्रमुख रुग्म कुंवर ने बताया कि इसी वीडियो से शुरू हुई गलतफहमी ने सांप्रदायिक हिंसा का रूप ले लिया। घटना के मद्देनजर भारत-नेपाल सीमा पर बुधवार से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है।
खुनुवां बॉर्डर से होकर गुजरने वाले हर नागरिक के पहचान पत्रों की गहन जांच की जा रही है। विशेष रूप से नेपाल से भारत में प्रवेश करने वाले लोगों पर कड़ी निगाह रखी जा रही है। सभी वाहनों की तलाशी के बाद ही उन्हें आगे जाने की अनुमति दी जा रही है। खुनुवां बॉर्डर चौकी इंचार्ज वीरेंद्र कुमार पासवान ने बताया कि सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। सुरक्षा को और मजबूत करते हुए भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में विशेष इंतजाम किए गए हैं। पूरे इलाके में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से मॉनिटरिंग और सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। नो मेंस लैंड से सटे पगडंडी रास्तों पर नागरिक पुलिस के साथ-साथ एसएसबी के जवानों को भी अलर्ट मोड पर तैनात किया गया है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की अफवाह या अव्यवस्था फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
ढेबरुआ। नेपाल में हाल ही में उत्पन्न तनाव की घटनाओं के मद्देनजर बढ़नी बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, नेपाल में वर्तमान स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी प्रकार की अशांति नहीं है। सीमा पर एसएसबी के जवानों द्वारा सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। बॉर्डर पर अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। एसएसबी अधिकारियों का कहना है कि यह कदम एहतियातन उठाया गया है ताकि किसी भी अफवाह या असामाजिक तत्व की गतिविधि को रोका जा सके। बढ़नी बॉर्डर से सटे इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है और खुफिया तंत्र को भी सक्रिय रखा गया है।प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल सुरक्षा एजेंसियों को दें।
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सीमावर्ती इलाके में विवाद की आशंका
सीमावर्ती इलाके मधेस का माना जाता है। बाॅर्डर पर नेपाल और भारत दोनों हिस्सों में दो समुदाय बड़ी आबादी निवासी करती है। यहां धार्मिक स्थलों की संख्या भी ठीक-ठाक है। इसलिए सरकार और सतर्कता बरत रही है। नेपाल से जुड़े सूत्रों के अनुसार, बाॅर्डर एरिया में विवाद होने की आशंका को देखते हुए पुलिस के अलावा सशस्त्र बल को भी लगाया गया है। जो पल- पल की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।
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बोले जिम्मेदार
सीमा पर सुरक्षा एजेंसी और पुलिस की ओर से समय- समय पर समन्वय बैठक होती है। इसके साथ ही नियमित गश्त और जांच की जा रही है। जांच और निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
- मंयक कुमार द्विवेदी, सीओ शोहरतगढ़