सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मियों के कार्य बहिष्कार से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने लगा है। बुधवार को बेंवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र में निर्धारित 45 टीकाकरण केंद्रों में से 34 केंद्रों पर नियमित टीकाकरण नहीं हो सका।
इन केंद्रों पर गर्भवतियों और बच्चों को टीका लगना था। सिर्फ 11 केंद्रों पर स्थायी एएनएम की मदद से टीकाकरण कराया जा सका। इससे टीका लगवाने पहुंचे बच्चों और गर्भवतियों के परिजन को परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल की अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
एनएचएम कर्मी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। बुधवार को आंदोलन का दूसरा दिन था। सीएमओ कार्यालय पर कर्मियों ने धरना देकर न्यूनतम 18 हजार रुपये मानदेय, नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग की। वहीं, आठ अक्तूबर को लखनऊ में धरना-प्रदर्शन करने का एलान किया है।एनएचएम कर्मियों के कार्य बहिष्कार का असर केवल टीकाकरण तक सीमित नहीं रहा। सीएचसी और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्य बहिष्कार के कारण मरीजों को भी परेशानी हुई।