सिद्धार्थनगर। सड़क पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। हादसे के बाद जांच में ज्यादातर वाहन अनफिट पाए जा रहे हैं। इनपर शिकंजा कसने के लिए संभागीय परिवहन विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। विभाग की ओर से 300 से अधिक वाहन स्वामियों को नोटिस जारी किया है। अगर फिटनेस जांच करा लेते हैं तो ठीक, वरना इसके बाद दूसरी नोटिस और फिर वाहन को सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।
सड़क हादसा होने के बाद जब वाहनों की जांच होती है तो उसने में तमाम प्रक्रिया की कमियां पाई जाती हैं। कमियों को दूर करने के लिए फिटनेस चेक कराने का नियम है। विभाग की ओर से जब फिटनेस प्रमाण पत्र मिल जाता है, उसके बाद ही वाहन सड़क पर दौड़ने के लिए सही मानें जाते हैं। मगर, जिले में अनफिट होते हुए भी वाहन फर्राटा भर रहे हैं। इसमें एक दो नहीं बल्कि 300 से अधिक वाहन स्वामी लापरवाही करते पाए गए हैं। इनके फिटनेस की मियाद खत्म होने के बाद भी उन्होंने फिटनेस जांच नहीं कराई है। विभाग ने इन्हें नोटिस देने के साथ फिटनेस कराने का मौका दिया है। अगर इसके बाद भी लापरवाही मिलती है तो दूसरा नोटिस जारी करने के बाद वाहन को सीज करने के साथ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
51 एंबुलेंस भी अनफिट: एआरटीओ के आकड़ें चौंकाने वाले हैं। अक्तूबर माह में 161 वाहनस्वामियों को नोटिस जारी किए गए। इनमें 100 मालवाहक, 10 स्कूलों बस और 51 एंबुलेंस शामिल हैं। इससे पहले सितंबर माह में 137 वाहनों को नोटिस भेज गया था। बावजूद इसके वाहन स्वामी अब तक फिटनेस प्रमाणपत्र नवीनीकरण नहीं कराया है। निलंबन अवधि में ये वाहन किसी भी दशा में सड़क पर नहीं चल सकंगे। अगर एंबुलेंस और स्कूली बस अनफिट होते हुए फर्राटा भर रहे हैं तो मामला कितना गंभीर हो सकता है।