इटवा। मुंबई के साकीनाका स्थित खैरानी रोड के अब्दुल रसीद कंपाउंड में 20 अक्तूबर को हुए अग्निकांड में झुलसे पिपरी गांव के दो युवकों की मौत की सूचना से कस्बे में मातम पसरा है। ग्रामीणों के अनुसार, पिपरी निवासी तौफीक कुरैशी (18) की इलाज के दौरान मौत हो गई है। वहीं, इसी गांव के राजेश (20) की मौत की भी सूचना है। अग्निकांड में बरामद दो शवों की पहचान स्पष्ट नहीं होने से परिजन की चिंता बढ़ गई है। उधर, डुमरियागंज क्षेत्र के लोहरौली निवासी एक युवक की भी मौत की आशंका जताई जा रही है।
इटवा थाना क्षेत्र के पिपरी गांव के चार युवक मुंबई में एक ही टिनशेड में रहकर काम करते थे। 20 अक्तूबर की शाम शेड में आग लगने से चारों के झुलसने की सूचना मिली थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, दो युवक अस्पताल में भर्ती थे जबकि अन्य दो के बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं थी। अब तौफीक की मौत की सूचना मिलने के बाद परिवार में शोक है।
परिजन के मुताबिक, घटना के बाद से युवकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। उनके पास किसी परिचित या मित्र का ऐसा नंबर भी नहीं है, जिससे तत्काल जानकारी मिल सके। कुछ रिश्तेदार मुंबई के लिए रवाना हुए हैं लेकिन उन्हें भी अब तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है। परिवार के लोग अस्पतालों और संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं।
झुलसे शवों की पहचान में आ रही दिक्कत
डुमरियागंज क्षेत्र के लोहरौली गांव के एक युवक की भी अग्निकांड में मौत की आशंका है। हालांकि, उसके नाम और मौत की आधिकारिक पुष्टि करने वाली जानकारी अभी सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि आग में शव बुरी तरह झुलस जाने के कारण पहचान करने में मुश्किल आ रही है। ऐसे में डीएनए जांच के जरिये शवों की पहचान किए जाने की संभावना है।
साकीनाका के खैरानी रोड स्थित अब्दुल रशीद कंपाउंड में स्क्रैप के काम से जुड़े गोदामनुमा टिनशेड में आग लगी थी। यहां पुरानी प्लास्टिक की बोतलों की छंटाई कर मशीन से बंडल बनाने का काम होता था। मजदूर इसी परिसर में खाना बनाने और रात में सोने के लिए भी जगह का इस्तेमाल करते थे। आग लगने के बाद कई लोग बाहर निकलने में सफल रहे जबकि कुछ इसकी चपेट में आ गए।
घटना के बाद पिपरी और लोहरौली के परिजन मुंबई पहुंच गए हैं। परिवार के लोग अपनों की सलामती और घटना में उनकी स्थिति की जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल मौतों और शवों की पहचान को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।