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Siddharthnagar News: दो नंबर प्लेटों का खेल से सुरक्षा को खतरा, पहचान भी चुनौती

Thu, 03 Sep 2026 11:09 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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- बढ़नी बॉर्डर पर चेकिंग में दो नंबर प्लेट की मिली बस, बृहस्पतिवार को बॉर्डर पर की गई सघन जांच
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- दिल्ली- काठमांडो की टूरिस्ट बस में सामने आया खेल, तीन अन्य बार्डर के इंट्री प्वाइंट पर बढ़ी हलचल
- बढ़नी, खुनुवां और ककरहवा बार्डर से चलती है भारत-नेपाल के लिए बस
सिद्धार्थनगर। बढ़नी सीमा पर भारत और नेपाल की नंबर प्लेटें लगी टूरिस्ट बस पकड़े जाने के बाद सीमा से गुजरने वाले वाहनों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ही वाहन पर अलग-अलग नंबर प्लेट होने की स्थिति में सीमा पार करते समय उसकी वास्तविक पहचान दर्ज करना मुश्किल हो सकता है। नंबर प्लेट में बदलाव केवल यातायात नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं है बल्कि यह सुरक्षा व्यवस्था और संदिग्ध वाहनों की पहचान के लिए भी बड़ी चुनौती है।
अभी तक बसों से शराब और कपड़े की तस्करी के मामले पकड़ में आते रहे हैं। बस में नंबर प्लेट बदलकर खेल करने का नया ट्रेंड सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसी अलर्ट हो गई हैं। बढ़नी, ककरहवा और खुनुवां से भंसार के जरिये बस, ट्रेड के वाहन और चार पहिया वाहनों की नेपाल में इंट्री होती है। जानकारों के मुताबिक मामला पकड़ में आने के बाद बढ़नी बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसी अलर्ट नजर आईं। सुबह से ही बड़े वाहनों की जांच के साथ ही उनके नंबर और डिटेल खंगाले जा रहे हैं।
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सीमा पार नंबर बदले तो रिकॉर्ड मिलान मुश्किल
सीमा से जुड़े जानकारों के मुताबिक भारत-नेपाल सीमा पर जिले 68 किलोमीटर सीमा के दायरे में तीन इंट्री प्वाइंट बढ़नी, खुनुवां और ककरहवा है। इसमें ककरहवा में ट्रेड के वाहनों की इंट्री नहीं है। यहां टूरिस्ट और सामान्य वाहन वालों को आने-जाने की अनुमति है। सीमा पर आने-जाने वाले वाहनों की पहचान मुख्य रूप से नंबर प्लेट, रजिस्ट्रेशन और परमिट जैसे दस्तावेजों के आधार पर की जाती है। ऐसे में यदि किसी वाहन पर भारत में प्रवेश करते समय अलग नंबर और दूसरे देश में अलग नंबर का इस्तेमाल किया जाए तो विभिन्न एजेंसियों के रिकॉर्ड का मिलान प्रभावित होगा। सीमा पर लगे कैमरों, चेकपोस्ट और अन्य निगरानी प्रणालियों में दर्ज नंबर के आधार पर किसी वाहन की आवाजाही का पता लगाया जाता है। नंबर में हेरफेर होने पर एक ही वाहन के अलग-अलग रिकॉर्ड बनने या वास्तविक पहचान तक पहुंचने में समय लगने की आशंका है। बॉर्डर पर आने-जाने वालों को दबाव भी रहता है। ऐसे में कागजात देखने और बस के अंदर सामान की जांच के बाद आने-जाने दिया जाता है।
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नेपाल के लिए मुख्य बस सेवा का रूट
नेपाल के कृष्णानगर निवासी सैयद के मुताबिक दिल्ली-काठमांडो रूट दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण परिवहन मार्गों में शामिल है। इसमें नेपाल और भारत दोनों जगह से बड़ी संख्या में टूरिस्ट बस तीनों बॉर्डर से नियमित संचालित की जाती है। इस रूट पर नियमित रूप से टूरिस्ट बसों के साथ अन्य यात्री और मालवाहक वाहन भी सीमा पार करते हैं। बढ़नी जैसे प्रमुख सीमा मार्ग पर वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण प्रत्येक वाहन की गहन जांच करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती है। अधिक से अधिक कागजात और अंदर बैठे यात्री के बैग और सामान की जांच होती है। सरसरी तौर पर कागजात और नंबर को देखा जाता है। इसका फायदा उठाकर गोलमाल किया जा रहा था। इससे पहले बाइक की नंबर प्लेट बदलकर चलने के मामले सामने आ चुके हैं।
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चेकपोस्ट पर सिर्फ नंबर नहीं, पूरी पहचान का मिलान जरूरी
बस के पकड़े जाने के बाद सीमा सुरक्षा से जुड़े जानकारों के मुताबिक चेकपोस्ट पर वाहन की जांच के दौरान नंबर प्लेट के साथ रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र, परमिट, वाहन का मॉडल, चेसिस और इंजन नंबर समेत उपलब्ध दस्तावेजों का मिलान जरूरी है। खासकर टूरिस्ट बसों के मामले में चालक, परिचालक, वाहन परमिट और यात्रियों से जुड़े रिकॉर्ड की भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच होनी चाहिए। इससे नंबर प्लेट बदलकर पहचान छिपाने की किसी कोशिश को शुरुआती स्तर पर पकड़ा जा सकता है।
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इस प्रकार पकड़ में आया मामला
दिल्ली से काठमांडो के बीच चलने वाली टूरिस्ट बस को एसएसबी बढ़नी की टीम ने चेक पोस्ट पर रोका। जांच के दौरान बस की नंबर प्लेट पर जवानों को संदेह हुआ। इसके बाद नेपाली बस चालक कृष्ण प्रसाद थारू ग्राम सैना मैना सालझंडी रूपनदेही और सहायक चालक सूरज गौड़ल को रोककर वाहन से संबंधित कागजातों की जांच की गई। जांच-पड़ताल में गाड़ी पर एक इंडियन नंबर प्लेट और एक नेपाली नंबर प्लेट लगी पाई गई। चालकों ने पूछताछ के दौरान बताया कि भारत में नेपाली नंबर प्लेट पर इंडियन नंबर प्लेट के अपेक्षा ज्यादा टोल चुकाना पड़ता है। ऐसे में भारत में गाड़ी चलाने के दौरान टोल प्लाजा पर पैसे बचाने के लिए वह नेपाली बदलकर इंडियन नंबर प्लेट लगा देता था।
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बोले जिम्मेदार
बॉर्डर पर भी वाहनों की समय-समय पर जांच की जाती है। नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाता है। बढ़नी में दो नंबर प्लेट के साथ टूरिस्ट बस पकड़े जाने के बारे में जानकारी नहीं मिली है। अगर ऐसा है तो जांच की जाएगी और इस प्रकार के संचालन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- संजय कुमार सिंह, एआरटीओ
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