भनवापुर। ब्लाॅक क्षेत्र के विभिन्न गांवों में सोमवार को संचार गतिविधि के तहत माता बैठक का आयोजन किया गया। अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा ग्राम बिजौरा पहुंचकर बैठक औचक निरीक्षण करते हुए ग्रामीणों को टीकाकरण, शीघ्र पंजीकरण, संस्थागत प्रसव और स्तनपान के फायदे की जानकारी दी तथा ग्रामीणों को नवजात शिशु व बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की बात की।
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य कैंप का भी आयोजन किया गया। शिविर में 72 मरीज को चिकित्सीय इलाज और परामर्श देते हुए 34 बलगम की जांच के लिए डिब्बी उपलब्ध कराई गई। अधीक्षक ने बताया कि क्षय रोग में दो सप्ताह से अधिक दिनों से खांसी, बुखार, भूख का ना लगना, वजन का कम होना, बलगम में खून का आना व सीने में दर्द आदि लक्षण होते हैं।
क्षय रोग के लक्षण पाए जाने पर तत्काल चिकित्सीय परामर्श व इलाज कराएं। क्षय रोग का इलाज समय से शुरू करने पर मरीज को पूरी तरीके से स्वस्थ किया जा सकता है। वहीं परिवार के अन्य सदस्य को क्षय रोग होने से बचाया जा सकता है।अधीक्षक ने बताया क्षय रोगी को इलाज के दौरान छह हजार रुपये की अनुदान राशि भी दी जाती है।