सशस्त्र सीमा बल 43वीं वाहिनी मुख्यालय करौंदा मसिना में पुलिस स्मृति दिवस मनाते जवान। स्रोत एसएस
सिद्धार्थनगर। एसएसबी की 43वीं वाहिनी सीमा मुख्यालय कटया में बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस मनाया गया। राष्ट्र सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र बलों के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके त्याग और समर्पण को याद किया गया। वाहिनी मुख्यालय के साथ अधीनस्थ सीमा चौकियों पर भी स्मृति परेड का आयोजन हुआ।
द्वितीय कमान अधिकारी एल. आशा कुमार सिंह ने बताया कि 21 अक्तूबर 1959 को भारत-चीन सीमा पर गश्त कर रहे सीआरपीएफ के जवानों पर चीनी सेना ने घात लगाकर हमला किया था। इस दौरान सीआरपीएफ के 10 जवान शहीद हो गए थे। इन वीर जवानों की शहादत की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 21 अक्तूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब सभी लोग अपने कर्तव्यों का निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करेंे।
उन्होंने बताया कि एक सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक देश के विभिन्न राज्यों के 94 पुलिसकर्मी और केंद्रीय सशस्त्र बलों के 60 जवान राष्ट्र सेवा में शहीद हुए। इनमें एसएसबी के पांच जवान भी शामिल हैं।