नेपाल के बुटवल से नारायण घाट सड़क पर भूस्खलन से गिरते हुए चट्टान। स्रोत सोशल मीडिया
ढेबरुआ। नेपाल में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश और भूस्खलन से आई आपदा के बाद जन-जीवन सामान्य होने लगा है। कई स्थानों पर अवरुद्ध रास्तों को सोमवार की सुबह से फिर से चालू कर दिया गया है। इस प्राकृतिक प्रकोप में देश भर में 52 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 11 लोग लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल प्रशासन ने पहाड़ वाले मार्ग से पहले से पर्यटकों को जाने से रोक दिया था और वापस कर दे रहे थे। अब नेपाल मौसम सामान्य होने की ओर बढ़ रहा है।
विशेष रूप से भारत-नेपाल सोनौली सीमा को जोड़ने वाला बुटवल-तानसेन मार्ग जो सिद्ध बाबा, दोभान, और कालीमाटी जैसे स्थानों पर बार-बार भूस्खलन से प्रभावित था, अब यातायात के लिए खोल दिया गया है। इसके अलावा, मुगलिन-नारायण घाट सड़क मार्ग भी दो दिनों तक पूरी तरह अवरुद्ध रहने के बाद सोमवार सुबह से आवागमन योग्य बना दिया गया है। इन महत्वपूर्ण मार्गों के खुलने से उन बड़ी संख्या में पर्यटकों को लौटने की सुविधा मिल गई है, जो पहाड़ी शहरों जैसे मुगलिन और पोखरा जाने वाले क्षेत्रों में फंस गए थे।
मार्ग अवरुद्ध होने के बाद नेपाल सेना और पुलिस की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी रहीं। यातायात बहाल होने के साथ ही, फंसे हुए पर्यटकों और आम जनता को लौटने तथा आवागमन की सुविधा मिल गई है। वहीं, कृष्णानगर भंसार कार्यालय के अधीक्षक पदम् राज पंत ने पुष्टि की कि प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से यातायात को अस्थाई रूप से रोका था, जिसके तहत सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक वाहनों का आवागमन बंद था। अब स्थिति सामान्य होने के बाद यातायात को सुचारु रूप से फिर से चालू कर दिया गया है।