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Siddharthnagar News: लाल निशान तक सिमटी व्यवस्था, गांव में मयस्सर नहीं साफ पानी

Sun, 28 Sep 2025 03:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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शहर के सटे धेंसा नानकार चौराहे पर के देशी नल पर लगा हुआ लाल निशान। संवाद
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सिद्धार्थनगर। दूषित पानी पीने से डायरिया की शिकार हुई लोटन ब्लॉक क्षेत्र के बस्तिया गांव की मां और बेटी ने दम तोड़ दिया। गांव के 20 से अधिक लोग इसकी चपेट में भी आए जो इलाज के बाद स्वास्थ्य हुए। स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जांच में दूषित पानी के सेवन से डायरिया फैलने की बात सामने आई है।
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500 की आबादी वाले गांव में तीन सरकारी हैंडपंप थे जो सिस्टम की नाकामी का शिकार होकर वजूद खो चुके हैं। लोग देसी और पीने के लिए अयोग्य घोषित किए जा चुके लाल निशान लगे हैंडपंप से प्यास बुझाते मिले। जब अन्य ब्लॉक क्षेत्र के गांवों की पड़ताल की गई तो चौंकाने वाले तस्वीरें सामने आईं।
क्षेत्र में लाल निशान लगाकर पानी न पीने की चेतावनी वाले देसी नल से लोग पानी पीते हुए पाए गए। इसके इतर जब पूर्व में लगे सरकारी हैंडपंप को देखा गया तो कुछ तो अस्तित्व खो चुके थे। कुछ दूषित जल तो कुछ खराब हालात में पाए गए। जानकारी ली गई तो पता चली कि रिबोर की जिम्मेदार ग्राम पंचायत की है। चार ब्लॉक की पड़ताल में 25 हजार से अधिक हैंडपंप चेतावनी वाले मिले, जिले में तकरीबन एक लाख देसी नल का पानी अयोग्य घोषित किया जा चुका है। बावजूद इसके लोग उसका सेवन कर रहे हैं।
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नगर में भी चेतावनी वाले नल का पी रहे जल: शुद्ध पेयजल मुहैया के दावे की हकीकत जानने के लिए हाल में शहर में शामिल हुए गांव जो अब वार्ड का रूप ले चुके हैं, इनकी हकीकत परखी गई। इनमें परसा माहपात्र, महरिया, खजुरिया और पिपरा पांडेय में पेयजल व्यवस्था को देखा गया। इसमें अभी अधिकांश घरों में देसी नल का प्रयोग ही किया जा रहा है। महरिया निवासी राकेश ने बताया कि पीने के लिए दो जार पानी लेते हैं। इस नल का पानी पीला आता है, इसलिए कभी कभार ही पीते हैं।
अधिकतर इंडिया मार्का हैंडपंप पर खराब: शाहपुर। डुमरियागंज नगर में लगे अधिकतर इंडिया मार्का हैंडपंप खराब पड़े हैं। वहीं जो इंडिया मार्का हैंडपंप चल रहा है, वह भी दूषित पानी दे रहा है। लोगों की शिकायत के बाद भी जिम्मेदारों की नजर इन पर नहीं पड़ रही है। नगर के अधिकतर लोग दूषित जल पीने को मजबूर हैं। डुमरियागंज नगर पंचायत के वार्ड नंबर 3 लोहिया नगर निवासी मोहम्मद सलमान ने कहा हमारे घर के सामने लगा इंडिया मार्का हैंडपंप पंप पिछले छह माह से खराब है।
करीब 10 लाख से अधिक आबादी पी रही दूषित पानी: भनवापुर। भनवापुर ब्लाॅक क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों में अधिकांश देसी हैंडपंप उथले हैं। क्षेत्र के विजय कुमार पांडेय, राम लौटन, मनीराम, लालता प्रसाद, गणेश शंकर आदि ने बताया कि हम लोगों के यहां 30 से 50 फीट गहरा हैंडपंप लगा है। एडीओ पंचायत खुनियांव आशुतोष मिश्र ने बताया कि हमारे ब्लाॅक में मात्र 335 ही लाल निशान लगे हैंडपंप हैं।
ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर: सकारपार। बांसी ब्लॉक क्षेत्र के गोनहाडीह गांव निवासी राम चक्र निषाद ने बताया कि उसके घर करीब 25 साल पहले देसी नल लगा था। ग्रामीणों के अनुसार गांव में कुल आठ इंडिया मार्का हैंडपंप लगा है, जिसमें पांच चालू हालत में हैं।
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