सिद्धार्थनगर। नेपाल की तराई से सटे जनपद में तीन दिन से पड़ रही कड़ाके की ठंड ने जनजीवन पर असर डाला है। घने कोहरे ने जहां वाहनों की रफ्तार रोक दी, वहीं गिरते पारे ने लोगों को बेहाल कर दिया। शुक्रवार को अधिकतम तापमान करीब तीन डिग्री सेल्सियस से अधिक की गिरावट के साथ 20 से 16.6 डिग्री पहुंच गया, इसको देखते हुए 12वीं तक के स्कूल शनिवार को बंद कर दिए गए हैं।
तापमान में अचानक आई गिरावट से गांव से लेकर शहर तक जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सुबह-शाम सड़कों पर सन्नाटा और दिन में भी गलन का असर साफ नजर आने लगा है। ठंड से बचाव के लिए लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। शहर के उसका रोड, स्टेशन रोड अशोक मार्ग, मेडिकल कॉलेज, कलक्ट्रेट आदि में आने वाले लोग गर्म पकड़े से लिपटे नजर आए। गांव से हर तक लोग ठंड से निजात पाने के लिए अलाव से चिपके रहे।
वहीं, बाजार की बात करें तो उसमें रौनक लौट आई है। तेजी से बढ़ी ठंड का असर कपड़ा और इलेक्ट्रॉनिक बाजार में साफ नजर आ रहा है। जिला मुख्यालय समेत बांसी, शोहरतगढ़, डुमरियागंज और इटवा के बाजारों में स्वेटर, मफलर, जैकेट, शॉल और ऊनी टोपी की मांग अचानक बढ़ गई है। बीते एक सप्ताह में दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ लगातार बढ़ी है। ठंड से राहत पाने के लिए लोग न सिर्फ गर्म कपड़े बल्कि रूम हीटर, ब्लोअर और पानी गर्म करने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी खरीद रहे हैं।
बाजार में छूट और ऑफर: मौसम में बदलाव के साथ ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए व्यापारी छूट भी देने लगे हैं। वहीं, लुधियाना की जैकेट, कंबल बाजार में अधिक मांगे जा रहे हैं जो 500 से लेकर तीन हजार तक के दाम में उपलब्ध हैं। इटालियन लेदर की जैकेट की मांग अधिक है। वहीं, ब्रांड के शोरूम में भी जैकेट और मफलर स्वेटर की बिक्री तेज हो गई है। यहां पर 15 से 40 प्रतिशत तक की छूट और कुछ तय राशि तक की खरीद पर ऑफर भी है। दुकानदारों के अनुसार पिछले सप्ताह की तुलना में बिक्री लगभग दोगुनी हो गई है। बांसी मुख्यालय पर मंगलबाजार में मफलर, टोपी और शॉल की खरीद ज्यादा है। शोहरतगढ़ में जैकेट और फुल स्लीव स्वेटर के साथ रूम हीटर की बिक्री में उछाल आया है। डुमरियागंज बाजार में बच्चों और बुजुर्गों के गर्म कपड़ों की मांग बढ़ी है। स्थानीय दुकानों पर ऊनी कंबल और शॉल की पूछताछ ज्यादा हो रही है। इटवा तहसील मुख्यालय की बात करें तो पानी गर्म करने वाले इलेक्ट्रॉनिक संयंत्र (गीजर/हीटर) की बिक्री बढ़ी है।
ठंड में इसलिए क्यों बढ़ता है खतरा: कड़ाके की ठंड और कोहरे के दौरान शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। इससे सर्दी-खांसी, बुखार, सांस की दिक्कत, ब्लड प्रेशर और हार्ट से जुड़ी समस्याएं बढ़ने लगती हैं।