सिद्धार्थनगर। अगले वित्तीय वर्ष में एक अप्रैल 2025 से लागू होने जा रहा नया आयकर अधिनियम 2025 वैसे तो व्यापारियों के हित में बताया जा रहा है, लेकिन अधिवक्ताओं ने इसमें कुछ खामियां भी गिनाई हैं।
अधिवक्ताओं का कहना है कि इसका उद्देश्य नए कर प्रावधानों को सरल बनाना, अनावश्यक धाराओं को हटाना और विकसित होती तकनीक व आर्थिक परिवेश के साथ तालमेल बिठाना है। फिर भी इस अधिनियम में तलाशी अभियान के अंतर्गत अतिरिक्त प्रावधान शामिल किए गए हैं।
वहीं, इसमें तलाशी अभियान के तहत सोशल मीडिया खाता, ईमेल सर्वर, क्लाउड स्टोरेज डाटा और किसी भी ट्रेडिंग या निवेश खाता तक अधिकारियों की पहुंच शामिल है, जिससे यह विचारणीय होगा कि यदि इस तलाशी अभियान से किसी की निजता के अधिकार को कैसे सुरक्षित किया जा सकेगा। व्यापारी भी इसको लेकर सशंकित हैं, जिसका समाधान उचित होगा।