सिद्धार्थनगर। पहाड़ों से आ रही नम हवा के कारण ठंड का सितम जारी है। बृहस्पतिवार को हल्की धूप के बावजूद लोग घरों में दुबकने को मजबूर रहे। अधिकतम तापमान 17.9 डिग्री और न्यूनतम 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को और भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव और रूम हीटर का सहारा ले रहे हैं।
शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र में भीषण ठंड और गलन से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। तराई क्षेत्र होने से लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। इससे जरूरी कार्य होने पर ही लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं। ठंड से बचाव के लिए लोग अलाव और रूम हीटर का सहारा ले रहे हैं। बाजारों में खरीदारी के दौरान कहीं भी अलाव दिखने पर लोग कामकाज छोड़ हाथ सेंकने में जुट जा रहे है गलन से परेशान हर तबके के लोग ठिठुर रहे हैं। बृहस्पतिवार को दिन की शुरुआत हल्के कोहरे और बादलों की घड़घड़ाहट के साथ हुई। ठंड बढ़ने के कारण लोग सुबह में उठने के बाद अलाव का सहारा लेते नजर आए। इसके बाद दिन में धूप खिला, लेकिन बर्फीली हवाओं के चलने से इसका कोई लाभ लोगाें को नहीं मिला। इससे आम जन से लेकर व्यपारि, मजदूर आदि भी अलाव सेंककर राहत लेने के बीच अपने काम को निपटा रहे हैं। ठंड का असर बाजारों पर भी पड़ है। बाजारों में शाम ढलने के पहले ही सन्नाटा पसर जा रहा है।
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि जनवरी के आरंभ में प्रभावित करने वाले सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के कारण बर्फबारी वाले पहाड़ी इलाकों से प्रदेश में आ रही ठंडी हवा से लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नौ जनवरी के उपरांत 11 जनवरी तक कोहरे के घनत्व में कमी आने तथा तापमान में बढ़ोतरी होने से ठंड की स्थिति में अल्पकालिक सुधार की संभावना है।