भनवापुर। संदिग्ध हाल में लापता त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के कठौतिया राम गांव निवासी अमन मिश्र (17) ने खुद ही अपने अपहरण की कहानी रची थी। अपना स्टार्टअप शुरू करने के लिए उसने अपने ही मोबाइल से चाचा को कॉल कर फिरौती मांगी।
अपने ही अकाउंट में रकम मंगाने और नंबर का इस्तेमाल करने से ठिठकी पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर उसे 24 घंटे में प्रयागराज से ढूंढ़ निकाला। पूछताछ में उसने साजिश रचने की बात स्वीकार की है।
पुलिस ने बताया कि त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के कठौतिया राम गांव निवासी अमन मिश्र (17) पुत्र विद्या प्रसाद मिश्र मंगलवार को दोपहर से लापता हो गया था। उसी दिन रात करीब आठ अमन के नंबर से उसके चाचा श्यामू मिश्र के नंबर पर फोन आया और उधर से छह लाख रुपये की फिरौती की मांग करते हुए बुधवार सुबह 10 बजे तक पैसा नहीं मिलने पर हत्या की धमकी दी गई। इसके बाद फोन बंद हो गया। परिजनों ने अमन के अपहरण और फिरौती की मांग की सूचना तत्काल त्रिलोकपुर पुलिस को दी। अपहृत अमन ने बताया कि खुद का काम शुरू करने के लिए पैसों की व्यवस्था आसानी से हो जाए, इसके लिए ही खुद अपने नंबर से चाचा के नंबर पर आवाज बदल कर फोन करता रहा। थानाध्यक्ष ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर जांच के लिए सर्विलांस के साथ टीम गठित कर, मोबाइल काॅल डिटेल, लोकेशन ट्रैक कर बुधवार को शाम पुलिस टीम ने प्रयागराज से उसे ढूंढ़ निकाला और त्रिलोकपुर लेकर आई। बृहस्पतिवार को पुलिस ने अमन मिश्र को न्यायालय में पेश करने के लिए ले गई। किशोर को बरामद करने में उप निरीक्षक सर्विलांस प्रभारी हरेंद्र चौधरी, गणेश कुमार, जनार्दन, जुनेद अहमद, सत्यवीर यादव, अमरजीत यादव, धर्मेंद्र गोंड का सराहनीय सहयोग रहा।
इस संबंध में थानाध्यक्ष त्रिलोकपुर चंद्रकांत पांडेय ने बताया कि अमन मिश्र ने खुद ही अपने अपहरण की साजिश रची थी। उसे प्रयागराज से ढूंढ़ निकाला गया है। मामले में आगे की लिखापढ़ी की जा रही है।