- माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षा में कई स्तर पर की जाएगी निगरानी
- सचल दस्ते की टीम परीक्षा केंद्र पर जाने के बाद डबल लाॅक और विद्यालय के कंट्रोल रूम का भी करेंगे निरीक्षण
-18 फरवरी से शुरू हो रही है यूपी बोर्ड की परीक्षा, 64,910 परीक्षार्थी होंगे परीक्षा में शामिल
सिद्धार्थनगर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षा को नकलमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए इस बार निगरानी व्यवस्था सख्त कर दी गई है। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए सचल दल की जिम्मेदारी बढ़ाते हुए, उन्हें केवल औचक निरीक्षण तक सीमित नहीं रखा है बल्कि अब परीक्षा केंद्रों के कंट्रोल रूम, सीसी कैमरे की रिकॉर्डिंग और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा व्यवस्था की गहन जांच भी उनके जिम्मे कर दी गई है। परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के बाद सचल दल को 24 घंटे की रिकॉर्ड गतिविधियों की समीक्षा कर रिपोर्ट तैयार करनी होगी। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या लापरवाही मिलने पर टीम मौके से ही उच्चाधिकारियों को सूचना देगी।
18 फरवरी से शुरू हो रही यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा की तैयारी अंतिम चरण में है। परीक्षा में जिले के कुल 64,910 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इसके लिए कुल 119 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से सख्त निगरानी तंत्र तैयार किया है। अधिकारियों के अनुसार परीक्षा केंद्रों पर स्थापित कंट्रोल रूम में लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाएगी। सचल दल को विद्यालय में पहुंचकर कंट्रोल रूम की रिकॉर्डिंग का मिलान करना होगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि परीक्षा से जुड़ी हर गतिविधि नियमों के अनुरूप संचालित हो रही है या नहीं। परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्रों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती मानी जाती है। इसे देखते हुए प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्रों को डबल लॉक अलमारी में सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है।
सचल दल को निरीक्षण के दौरान इस अलमारी की सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच करनी होगी। इसके अलावा प्रश्नपत्र खोलने और वितरण की पूरी प्रक्रिया का सत्यापन भी किया जाएगा। यदि किसी केंद्र पर नियमों की अनदेखी या सुरक्षा व्यवस्था में कमी पाई जाती है तो संबंधित केंद्र व्यवस्थापक और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस नई व्यवस्था से परीक्षा केंद्रों पर पारदर्शिता बढ़ेगी और नकल माफियाओं की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगेगी। विभाग ने सचल दल को प्रत्येक निरीक्षण के दौरान विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने और समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही परीक्षा सामग्री के सुरक्षित भंडारण, वितरण और परीक्षा संचालन की पूरी प्रक्रिया पर विशेष नजर रखने को कहा गया है।
इस संबंध डीआईओएस अरुण कुमार ने बताया कि परीक्षा को सकुशल और निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने के लिए शासन से जो भी दिशा- निर्देश मिलेगा, उसका पालन करवाया जाएगा।
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बोर्ड परीक्षा एक नजर में
18 फरवरी से शुरू होगी यूपी बोर्ड परीक्षा
जिले में 64,910 परीक्षार्थी होंगे शामिल
कुल 119 परीक्षा केंद्र बनाए गए
प्रत्येक केंद्र पर कंट्रोल रूम से होगी निगरानी
प्रश्नपत्र डबल लॉक अलमारी में रहेंगे सुरक्षित
सचल दल 24 घंटे की सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग की करेगा जांच
गड़बड़ी मिलने पर मौके से ही होगी रिपोर्टिंग
नकल रोकने के लिए बहुस्तरीय निगरानी व्यवस्था लागू