भनवापुर। ब्लाॅक क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में फर्जी शिक्षकों का एक मामला अभी खत्म नहीं हुआ था कि दूसरा मामला सामने आ गया। करीब दो माह से लापता चल रहे भनवापुर ब्लाॅक क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय रमवापुर राउत में तैनात शिक्षक शिव शंकर श्रीवास्तव समेत पांच शिक्षकों की जांच अब एसटीएफ करेगी।
दस्तावेज मांगे जाने पर मेडिकल लगाकर लापता हुए शिक्षक के बारे में कोई सूचना न मिलने और किराये पर लिए कमरे से सारा सामान उठा ले जाने के बाद क्षेत्र के लोगों के बीच उसके फर्जी होने का संदेह व्यक्त किया जा रहा है। वहीं, एसटीएफ की एंट्री से विभाग में हड़कंप मचा है।
सूत्रों के मुताबिक पांचों शिक्षकों की कुंडली विभाग से मांगी गई है। डाटा मिलने के बाद एसटीएफ अपने स्तर पर जांच करेगी।
जानकारी के मुताबिक भनवापुर ब्लाॅक क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय रमवापुर राउत में तैनात शिक्षक शिव शंकर श्रीवास्तव 24 अक्तूबर से 29 नवंबर 2025 तक मेडिकल लगाकर छुट्टी पर चले गए। छुट्टी समाप्त होने के बाद भी वह स्कूल नहीं लौटे। इसकी सूचना इंचार्ज प्रधानाध्यापक संजय कुमार श्रीवास्तव ने तत्कालीन बीईओ को दे दी। करीब दो माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी विभागीय स्तर पर उनकी वापसी की सूचना का कोई रिकाॅर्ड या जानकारी नहीं है।
विभागीय रिकाॅर्ड के अनुसार, शिवशंकर श्रीवास्तव की नियुक्ति 22 दिसंबर 2009 को ब्लाॅक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय हिजुरा में हुई। उसके बाद, वर्ष 2012 में प्राथमिक विद्यालय रमवापुर राउत में तैनाती दी गई। जहां वर्ष 2014 में विभाग ने पदोन्नति देते हुए उन्हें रमवापुर राउत प्राथमिक विद्यालय का हेड मास्टर बना दिया।
वर्तमान समय में कंपोजिट विद्यालय रमवापुर राउत में बतौर सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। पिछले दो माह से मेडिकल पर चल रहे शिक्षक शिवशंकर श्रीवास्तव की छुट्टी समाप्त होने के बाद भी बिना किसी सूचना के विद्यालय वापस नहीं लौटने पर विभाग के लोगों के साथ ही गांव में भी फर्जी शिक्षक होने का संदेह व्यक्त कर चर्चा की जा रही है। इतना ही नहीं, ग्रामीणों का कहना है कि उक्त शिक्षक ने एक सप्ताह पूर्व अपने किसी शुभचिंतक को भेजकर कमरे से पूरा सामान भी उठवा लिया है।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजय कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि सहायक अध्यापक का मेडिकल अवकाश समाप्त हो गया है। इसके बाद भी उसके बारे में कोई सूचना नहीं मिलने की जानकारी तत्कालीन बीईओ के साथ ही वर्तमान बीईओ को दे दी गई है।
आठ फर्जी शिक्षकों पर हो चुकी है एफआईआर दर्ज, पुलिस कर रही जांच: भनवापुर ब्लाॅक क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में तैनात आठ फर्जी शिक्षकों के खिलाफ डेढ़ साल पहले सितंबर 2024 में पूर्व बीईओ बिंदेश्वरी प्रसाद मिश्र के द्वारा त्रिलोकपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने दो शिक्षकों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
बाकी छह शिक्षकों ने उच्च न्यायालय से अरेस्ट स्टे ले लिया है, जिससे वह गिरफ्तारी से तो बच गए हैं, लेकिन पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर अभी भी जांच में जुटी है। अब एक बार फिर ब्लाॅक क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय रमवापुर राउत में तैनात शिक्षकों की जानकारी मांगें जाने के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।