सिद्धार्थनगर। शहर के हनुमानगढ़ी मंदिर में रविवार से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण सप्ताह ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में हुआ। कथा के प्रथम दिवस कथाव्यास वेद प्रकाश पांडेय शास्त्री ने श्रीमद्भागवत की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भागवत कथा मनुष्य के जीवन को अज्ञान से ज्ञान, मोह से वैराग्य और सांसारिक बंधनों से भक्ति की ओर ले जाती है।
उन्होंने कहा कि कथा श्रवण मात्र से मनुष्य का जीवन पवित्र होता है और उसे आत्मिक शांति की प्राप्ति होती है। कथाव्यास ने ज्ञान, वैराग्य और भक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन तीनों का समन्वय ही जीवन को सफल और सार्थक बनाता है। उन्होंने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में मनुष्य बाहरी सुख-सुविधाओं के पीछे भाग रहा है जबकि वास्तविक सुख भगवान की भक्ति और सत्संग में निहित है।
उन्होंने बताया कि बुरे कर्म, कुसंगति और अधर्म व्यक्ति को पतन की ओर ले जाते हैं, जबकि सत्संग, सदाचार और श्रीमद्भागवत का श्रवण जीवन का उद्धार करने वाला है। धुंधकारी का प्रसंग इस बात का संदेश देता है कि भगवान के नाम, कथा और भक्ति से सबसे कठिन परिस्थितियों से भी मुक्ति प्राप्त की जा सकती है।