खेसरहा। इस वर्ष खिचड़ी पर्व मंगलवार को मनाया जाएगा। पं. इंद्रासन मिश्र ने बताया कि ऐसा विशिष्ट योग सैकड़ों वर्षों के बाद आया है। इस योग का प्रभाव जन कल्याण व संकट को नाश करने वाला होगा। उन्होंने बताया कि संक्रांति के पुष्य काल में मंगलवार को सूर्योदय से ही पूजा पाठ, दान, खिचड़ी खाने- खिलाने का कार्यक्रम शुरू हो जाएगा। बताया कि सभी बारह संक्रांतियों में मकर संक्रांति के पुष्य का अवधि 16 घंटे की होती है। इसमें संक्रांति लगने के समय से 16 घंटे पूर्व पुण्यकाल प्रारंभ हो जाता है। संवाद