-29 अगस्त को चलती एंबुलेंस में महिला के साथ हुई थी दरिंदगी
-पति की मौत के बाद अवसाद में है महिला, बार-बार बिगड़ रही है तबीयत
संवाद न्यूज एजेंसी
सकारपार। 25 दिन पहले चलती एंबुलेंस में दरिंदगी की शिकार महिला की तबीयत खराब चल रही है। घर में बुधवार को उसकी तबीयत अचानक ज्यादा खराब हो गई। परिवार के लोगों ने उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाया, जहां दो घंटे इलाज के बाद डॉक्टरों ने घर भेज दिया। परिवार के लोगों के अनुसार एंबुलेंस में दुष्कर्म की कोशिश और उसके बाद पति की मौत होने से वह बीमार और अवसाद में है। उसकी तबीयत में सुधार नहीं हो रहा है, जबकि विधिवत इलाज भी नहीं हो पा रहा है।
एंबुलेंस में दरिंदगी के मामले में एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, जबकि दूसरे आरोपी में न्यायालय में समर्पण कर दिया है। पुलिस ने न्यायालय में महिला का बयान करा दिया है, लेकिन महिला के दिमाग एंबुलेंस में हुई अमानवीय घटना ही गूंज रही है। वह कमजोर हो गई है।
बुधवार सुबह उसे घबराहट और बेचैनी होने लगी तो सरकारी अस्पताल में पहुंचाया गया। डॉक्टर ने इलाज किया और उसे माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज जाने की सलाह दी। चिकित्सा प्रभारी डॉ. एस. गयासुद्दीन ने बताया कि पीड़िता को बहुत कमजोरी महसूस हो रही है, जिससे चलने फिरने में दिक्कत आ रही है।
अकेले रहती है तो लगती है राेने
पीड़िता ने बताया कि जब वह अकेली बैठी होती है तो दिमाग में हर वक्त उस काली रात की दरिंदगी की घटना गूंजने लगती है। उसे सोचकर आज भी उसकी रूह कांप उठती है, और आंसू निकलने लगते हैं। उसने बताया कि पति की मौत के बाद मासूम बच्चों की परवरिश की भी चिंता है। सास भी वृद्ध अवस्था में हैं। जीवन कैसे व्यतीत होगा कुछ समझ में नहीं रहा है।
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बहन के घर अभी तक है भाई
एंबुलेंस में जब दरिंदगी हुई थी तो पीड़िता का भाई भी उसके साथ एंबुलेंस में था। उस घटना को सोचने के बाद आज भी भाई सिहर उठता है। यही कारण है कि घटनाक्रम को इतने दिन बीत जाने के बाद भी भाई अपनी बहन की पीड़ा को देखकर उसको अकेला छोड़ना नहीं चाहता है। भाई ने बताया कि बहन अकेले में हर वक्त सोचती रहती है, जिससे उसकी तबीयत खराब हो जाती है।