- सप्तऋषियों, पितरों व धर्मग्रंथों का पूजन, हवन के साथ हुई पूर्णाहुति
सकारपार। महुलानी स्थित श्री समाधि बाबा रामजानकी मंदिर और विद्या विनोद संस्कृत माध्यमिक विद्यालय परिसर के शिव मंदिर में शुक्रवार को श्रावणी पर्व श्रद्धा, वैदिक परंपरा और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। आचार्य इंद्रासन मिश्र के सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र के विद्वानों, शिक्षकों, छात्रों और श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
श्रद्धालुओं ने विभिन्न औषधीय द्रव्यों से स्नान कर धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत की। इसके बाद विधि-विधान से औषधीय पदार्थों का सेवन कराया गया। आचार्यों ने श्रावणी पर्व का महत्व बताते हुए कहा कि यह पर्व आत्मशुद्धि, ज्ञान, संस्कार और सनातन परंपराओं के संरक्षण का प्रतीक है। कार्यक्रम में वेद, पुराण, रामायण और श्रीमद्भागवत गीता का सामूहिक पाठ किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने सप्तऋषियों, पितरों और वेद-पुराण एवं धर्मशास्त्रों का पूजन-अर्चन कर लोक कल्याण की कामना की।
अंतिम चरण में हवन आयोजित हुआ, जिसमें आचार्यों और श्रद्धालुओं ने आहुति देकर क्षेत्र एवं समाज की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। पूर्णाहुति के बाद देवी-देवताओं का विधिवत विसर्जन किया गया।
इस अवसर पर पं. सत्यप्रकाश पांडेय, विनय शास्त्री, गोलू पांडेय, मोनू मिश्रा, उपेंद्र, कपिलेश, विवेकानंद सहित दर्जनों श्रद्धालु उपस्थित रहे।