सिद्धार्थनगर। यूजीसी और शंकराचार्य को लेकर जारी विरोध के बीच कुछ संगठन और पार्टी के लोगों ने सीएम से मिलने और आवाज उठाने और ज्ञापन देने की जानकारी सोशल मीडिया के जरिये साझा की, जिससे पुलिस के हाथ-पांव फूल गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सपा नेता नवीन उर्फ मोनू दुबे को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। वहीं, संगठन टीम एक न्याय संकल्प के राष्ट्रीय अध्यक्ष को कार्यक्रम स्थल पहुंचने से पहले ही रोककर उनका ज्ञापन लेकर वापस लौटा दिया। वहीं, सपा नेता रिंधु पासवान मुआवजा का विरोध करने पर हाउस अरेस्ट रखा था।
यूजीसी कानून को लेकर अब विरोध बड़ा रूप लेने की ओर बढ़ रहा है। शंकराचार्य और यूजीसी कानून को लेकर स्थानीय संगठन के अलावा राजनीतिक दल के लोग अलग- अलग टिप्पणी कर रहे हैं। सीएम योगी के सिद्धार्थनगर महोत्सव में आगमन की जानकारी होते ही सपा नेता ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखी थी। इसे संज्ञान में लेते हुए शिवनगर डिडई थाने की पुलिस उनके घर पहुंच गई।
दूसरे दिन बुधवार को कार्यक्रम समापन के बाद पुलिस उनके घर से लौटी। इसके अलावा सपा की नेता रिंधू पावसान को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। पुलिस को जानकारी मिली की वह कार्यक्रम स्थल पर जाकर विरोध कर सकती हैं, इसलिए पुलिस उनके घर पर पहुंच गई थी और मुख्यमंत्री का कार्यक्रम समाप्त होने तक उन्हें हाउस अरेस्ट रखा गया।