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Siddharthnagar News: एक डॉक्टर की डिग्री से संचालित हो रहे कई अस्पताल

Tue, 30 Dec 2025 11:37 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। जनपद में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों पर कार्रवाई के दावों के बीच स्वास्थ्य महकमे की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हालत यह है कि जब तक कोई बड़ी घटना नहीं होती, तब तक न तो जांच होती है और न ही कार्रवाई। जैसे ही मरीज की जान खतरे में पड़ती है, वैसे ही जांच का दायरा अचानक बढ़ा दिया जाता है।
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आरोप है कि अवैध अस्पताल लंबे समय से किसी न किसी संरक्षण में संचालित होते रहे हैं। अस्पतालों की जांच में तेजी आई तो बिना लाइसेंस के अस्पतालों के संचालन की बात सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग की ताजा कार्रवाई में एक सप्ताह के भीतर छह अवैध अस्पतालों को सील किया गया है।
जांच में सामने आया कि कई अस्पताल बिना किसी पंजीकरण के चल रहे थे, वहीं कुछ जगहों पर तो डॉक्टर का नाम तक दर्ज नहीं था, इसके बावजूद ऑपरेशन और इलाज धड़ल्ले से किया जा रहा था। वहीं इटवा में सील किए गए अस्पताल में नामित डॉक्टर की डिग्री कई अस्पतालों में प्रयोग होने की बात जांच में सामने आ रही है। फिलहाल इन अस्पतालों को सील कर दिया गया है। रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
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वहीं स्वास्थ्य विभाग के जुड़े लोगों का कहना है कि नियमित जांच का निर्देश है, लेकिन जब कोई घटना होती है तभी जांच होती है। आरोप है कि इसमें स्थानीय स्तर पर सहयोग से अवैध धंधा चलता है। मामला तूल पकड़ता है तभी एफआईआर दर्ज होती है।
बिना योग्य डॉक्टर किया ऑपरेशन, कट गई पेशाब की नली: पिछले महीने चिल्हिया थाना क्षेत्र के एक अस्पताल का मामला सामने आया। इसने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की पोल खोल दी। बिना किसी योग्य डॉक्टर के संचालित अस्पताल में महिला का ऑपरेशन कर दिया गया। इस दौरान पीड़िता की पेशाब की नली कट गई। हालत बिगड़ने पर परिजन बड़े अस्पताल में लेकर चले गए। मामले में पीड़िता की तहरीर पर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ हत्या के प्रयास की प्राथमिकी दर्ज की गई है।
डॉक्टर की डिग्री पर चल रहे कई अस्पताल: इटवा कस्बे के डुमरियागंज मार्ग पर स्थित एक अस्पताल जांच में अवैध रूप से संचालित होना पाया गया। जब टीम जाती थी तो संचालक फरार हो जाता था। एक शिकायत पर सीएचसी और स्थानीय प्रशासन की टीम ने जांच की और अस्पताल को बिना मानक पाए जाने पर सील कर दिया। वहीं जांच आगे बढ़ी तो जिस डॉक्टर के नाम से अस्पताल संचालित होना बताया गया, उसने हाथ खड़ा कर दिया और बोला हमें इस मामले में कोई जानकारी नहीं है कि हमारी डिग्री और नाम का प्रयोग कैसे किया गया।
वहीं कुछ लोगों का कहना है कि संबंधित डॉक्टर के बोर्ड पर कई और अस्पताल चल रहे हैं। अब स्वास्थ्य विभाग की टीम उसकी भूमिका की जांच कर रही है। सीएमओ को रिपोर्ट भेजने बाद कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
एक दिन में पांच अस्पताल सील, फिर भी सवाल बरकरार: स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 28 दिसंबर को एक ही दिन में पांच अवैध अस्पतालों को सील करने की कार्रवाई की, लेकिन इसके बावजूद सवाल उठ रहे हैं कि इससे पहले ये अस्पताल किसकी निगरानी में चल रहे थे। स्थानीय स्तर पर शिकायतें पहले भी होती रहीं, लेकिन कार्रवाई तब हुई जब मामला तूल पकड़ गया।
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