मेडिकल कॉलेज में मरीज का ब्लड़ निकालते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद
सिद्धार्थनगर। खून में संक्रमण और बैक्टीरिया का पता लगाने के लिए अब लोगों को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 20 लाख खर्च कर मेडिकल कॉलेज में अब ऑटोमेटेड ब्लड कल्चर मशीन खरीद ली गई है, जिससे मरीजों की यहीं जांच हो जाएगी और कौन सी एंटीबायोटिक्स काम करेगी, इसकी भी जानकारी चिकित्सकों को रिपोर्ट देखकर ही हो जाएगी। जल्द ही जांच शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
शहर एवं ग्रामीण इलाकों के विभिन्न बीमारियों के उपचार के लिए मरीज मेडिकल कॉलेज में आते हैं। इसमें कई मरीजों काे ब्लड कल्चर जांच की जरूरत पड़ती हैं। मेडिकल कॉलेज में वर्तमान समय में ओपीडी में प्रतिदिन 1200 से 1500 मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं इमरजेंसी में भी प्रतिदिन लगभग 40 से 50 गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज उपचार के लिए आते हैं जबकि वार्ड में भी 80 से 100 मरीज भर्ती रहते हैं ।
विभिन्न बीमारियों की जांच के लिए 400 से 500 मरीज पंजीकृत हो रहे हैं। ऐसे में बेहतर जांच के लिए संस्थान को अत्याधुनिक जांच मशीनों से लैस भी किया जा रहा है।
इस क्रम में आटोमेटेड ब्लड कल्चर सिस्टम से जांच केंद्र को लैस किया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट से चिकित्सक को उस संक्रमण का कारण पता चल सकेगा कि खून में किस बैक्टीरिया के चलते संक्रमण है और कौन सी एंटीबायोटिक्स या दवा काम करेगी।
कई मरीजों में ऐसा देखा जाता है कि उन्हें बुखार आ रहा है लेकिन दवा काम नहीं कर रही है। ऐसी स्थिति में कल्चर जांच की रिपोर्ट का लाभ मरीजों को मिल सकेगा।