बांसी कस्बे में मां दुर्गा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देते कलाकारी। संवाद
सकारपार। शारदीय नवरात्र नजदीक आते ही क्षेत्र में चहल-पहल बढ़ गई है। मां दुर्गा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में मूर्तिकार दिन-रात जुटे हैं। प्रतिमाओं पर रंग-रोगन और साज-सज्जा का काम तेजी से चल रहा है। बांसी कस्बे सहित आसपास के गांवों और बाजारों में दुर्गा पूजा समितियों और श्रद्धालुओं ने प्रतिमाओं की बुकिंग पहले ही करा ली है। ऐसे में मूर्तिकार प्रतिमाओं को आकर्षक स्वरूप देने में जुटे हैं।
नवरात्र शुरू होने में कुछ ही दिन शेष रहने के कारण कारखानों में सुबह से देर रात तक काम चल रहा है। मूर्तिकार मांग के अनुसार अलग-अलग आकार और डिजाइन की प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं। प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने के साथ ही रंग-रोगन और सजावट का काम भी तेज कर दिया गया है। तैयार हो रही प्रतिमाओं को देखने और खरीदने के लिए लोग कारखानों तक पहुंचने लगे हैं। मूर्तिकारों के अनुसार शनिवार से प्रतिमाओं की उठान शुरू हो जाएगी। ऐसे में समय पर काम पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत करनी पड़ रही है।
मूर्तिकारों ने बताया कि मां दुर्गा की प्रतिमा तैयार करने में कई चरणों से गुजरना पड़ता है। सबसे पहले बांस और अन्य सामग्री से ढांचा तैयार किया जाता है। इसके बाद उस पर मिट्टी की परत चढ़ाकर आकार दिया जाता है।