सिद्धार्थनगर। नेपाल के सुनसारी में सांप्रदायिक हिंसा का दायरा बढ़कर आसपास के जनपदों तक पहुंच गया है। हर कई जगहों पर कफ्र्यू लगा दिया गया है। सीमा ने कमान संभाली है। हिंसा को देखते हुए नेपाल के सीमावर्ती जनपदों में अलर्ट के साथ सतर्कता बढ़ा दी गई है। नेपाल पुलिस और सशस्त्र बल के अलावा अन्य सुरक्षा एजेंसी अलर्ट मोड में है। वह संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं, जिससे कोई बवाल न कर सके।
वहीं, नेपाल के कपिलवस्तु जिला प्रशासन की ओर से लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में अपील की जा रही है। इसके साथ ही बाॅर्डर पर भारतीय सुरक्षा एजेंसी भी पूरी तरह से सतर्क हैं। फिलहाल बाॅर्डर पर कोई ऐसी स्थिति नहीं है लेकिन हालात को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है। पांच माह के भीतर नेपाल में यह दूसरी सांप्रदायिक हिंसा है।
सांप्रदायिक झड़प की आग सीमावर्ती भारतीय बॉर्डर से सटे नेपाल के सिरहा, माडर, जनकपुर, गोलबाजार सहित अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में देखने को मिल रही है। इन स्थानों पर सुनसरी घटना के विरोध में हिंदूवादी संगठन टायर जलाकर जगह-जगह प्रदर्शन करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, नेपाल को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग की जा रही है। घटना को देखते हुए जिले से लगने वाली नेपाल के कपिलवस्तु सीमा पर नेपाल पुलिस और सशस्त्र बल अलर्ट हैं।
फिलहाल अभी तक कपिलवस्तु और लुंबिनी में कहीं विरोध प्रदर्शन उग्र होने की बात नहीं है। नेपाल प्रशासन लगातार सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है। इसमें कई एजेंसियां लगी हैं। ऐसे लोगों को चिह्नित करने का काम कर रहे हैं, जिनके द्वारा माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा सकती है। एक पूर्व सुरक्षा अधिकारी के अनुसार, कपिलस्तु और लुंबिनी जनपद में विशेष समुदाय की आबादी तेजी से बढ़ी है। ऐसे में यहां पर सतर्कता बेहद जरूरी है। यहां पर हिंसा भड़कने का मतलब बड़ा नुकसान हो सकता है। माहौल शांतिपूर्ण रहे, इसके लिए कई स्तर पर एजेंसी काम कर रही है।
ये है मामला : नेपाल से मिली जानकारी के अनुसार, बीते रविवार देर रात सुनसरी के देवगंज ग्राम पंचायत के कप्तानगंज इलाके में दो समुदायों के लोग अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कर रहे थे। एक तरफ ‘बोलबम’ तीर्थयात्रा का जुलूस निकाला जा रहा था, जो सोमवार को सप्तकोशी नदी की ओर जाने वाला था। इस जुलूस में डीजे और लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किया जा रहा था। दूसरी तरफ दूसरे समुदाय के लोग अपने धार्मिक कार्यक्रम में व्यस्त थे। लाउडस्पीकर की तेज आवाज और धार्मिक झंडे लगाने को लेकर विवाद शुरू हुआ। एक समूह ने नॉइज पॉल्यूशन का हवाला देते हुए तेज संगीत पर आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। यह कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।