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Siddharthnagar News: मरीज माफिया के मकड़जाल में उलझकर थम गईं सरिता की सांसें

Mon, 22 Sep 2025 10:50 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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पीएम हाउस पर ​स्थित मृतिका के परिजन। संवाद
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सिद्धार्थनगर। निजी अस्पतालों में आर्थिक शोषण और लापरवाही से मौत का सिलसिला जारी है। सेटिंग में चल रहे इस खेल में लोगों की जान जा रही है। इसी गठजोड़ का महराजगंज की कोल्हुई थाना क्षेत्र के बभनी खुर्द गांव निवासी शिकार सरिता भी हुई। सुरक्षित प्रसव के दावे पर वह साड़ी स्थित आरके सेवा अस्पताल पहुंची, लेकिन बच्चे को देखने से पहले ही दुनिया छोड़कर चली गई।
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मौत के मामले की जांच के लिए डीएम ने एसडीएम सदर की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है, जिसके जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
वहींं, मृतका के ससुर ने तीन नामजद सहित पूरे अस्पताल पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। साथ ही लाइसेंस की जांच की मांग उठाई है। ऐसा इसलिए हो रहा है कि सिस्टम पर हावी हो चुके सिंडिकेट चलाने वालों पर शिकंजा नहीं कस पा रहा है। मौत के बाद जिम्मेदारों की चुप्पी टूटती है और जांच तक आकर मामला सिमट जाता है।
मेडिकल कॉलेज पर महिला दलाल ने फंसाया था : माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में दलालों पर शिकंजा कसे जाने के लिए कड़ा प्रबंध किया गया है। हर प्वाइंट पर लगे सीसी कैमरे से निगरानी की जा रही है, लेकिन दलाल पकड़ में नहीं आ रहे हैं। अस्पताल कैंपस से बाहर, परिसर से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने का झांसा देकर सेटिंग वाले अस्पताल पर पहुंचा दे रहे हैं। रविवार की रात हुई प्रसूता की मौत के मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ है। मृतका के जेठ सुकई के अनुसार महिला अस्पताल में डॉक्टर ने देखने के बाद बताया कि अभी समय नहीं हुआ है।
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आठ दिन बाद आना डिलीवरी हो जाएगी। लेकिन, बिल्डिंग से बाहर आते ही एक महिला मिली, जिसने कहा कि हमारी जानकारी में एक निजी अस्पताल है, जहां पर दिखाते हैं। वहां डिलिवरी हो जाएगी। इसके बाद उसने वहां पर पहुंचा दिया। जहां रुपये तो गए ही, सरिता की जान भी चली गई।
अस्पताल में रहने वाले कुछ लोगों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि कुछ महिलाएं जो स्वास्थ्य विभाग जुड़ी हैं, नियमित यहीं पर रहती हैं।
वहीं, महिला मरीजों को फंसाती हैं और सेटिंग वाले स्थान पर पहुंचा देती हैं। अंदर निगरानी तेज होने के कारण बाहर और परिसर में घूमकर मरीजों को वरगलाकर फंसाने का काम कर रही हैं। यहां अस्पतालों के एजेंट रूप में काम करती हैं।

पीएम हाउस पर स्थित मृतिका के परिजन। संवाद

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