- जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज में संबद्ध 45 लोगों को चार माह से नहीं मिला वेतन, चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा स्वास्थ्य के बीच फंसा पेच
- वेतन भुगतान के लिए शासन को पत्राचार के बाद नहीं आवंटित हुआ धन, बढ़ी मुश्किल
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में तैनात डॉक्टर सहित 45 स्वास्थ्य कर्मियों को वेतन अटक गया है। चार माह से वेतन का भुगतान न होने के कारण अब उनकी बेचैनी बढ़ने लगी है। वेतन भुगतान के लिए वे जिम्मेदार के यहां चक्कर लगा रहे हैं। आर्थिक संकट का हवाला देते हुए जल्द वेतन भुगतान की मांग कर रहे हैं। यह वे डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी हैं जो चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग से हैं जबकि मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा शिक्षा में संबद्ध हैं। बताया जा रहा है कि दो विभागों के फेर में वेतन भुगतान अटका है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से इसमें पत्राचार किया गया है।
पीड़ित स्वास्थ्यकर्मियाें का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में तब्दील होने के बाद जिला अस्पताल चिकित्सा स्वास्थ्य के बजाय चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत संचालित किया जाने लगा। एकाएक मैनपॉवर की व्यवस्था के लिए जिला अस्पताल के डॉक्टर, लैब टेक्निशियन, फार्मासिस्ट सहित अन्य स्टाफ संबद्ध कर दिए गए। इसमें कुछ तो पहले स्थानांतरण पर चले गए लेकिन नौ डॉक्टर सहित कुल 45 स्वास्थ्यकर्मी मेडिकल कॉलेज में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अब पिछले चार माह से इनका वेतन रुक गया है।
उनका कहना है कि एक-दो माह इन लोगों ने इंतजार किया। अब वेतन भुगतान कराने के लिए दौड़ लगा रहे हैं लेकिन भुगतान नहीं हो पाया है। कुछ डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि चार माह हो गए, वेतन नहीं आया है। इससे आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। बच्चों की पढ़ाई के साथ अन्य कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। अगर और दिन यही हाल रहा तो बड़ी समस्या हो जाएगी। विभाग से जुड़े लोगों की माने तो पांच साल के लिए इन लोगों को संबद्ध किया गया था। ऐसे में हो सकता है मामला दो विभाग होने के कारण वेतन का भुगतान अटका हो। वहीं, भुगतान को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से पत्राचार किया गया है।