मेडिकल कालेज के एमसीएच बिंग में आयोजित नवजात शिशु देखभाल सप्ताह में कार्यक्रम में रंगोली बनाती
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की एमसीएच विंग के हाॅल में बाल रोग विभाग की ओर से सुरक्षा, गुणवत्ता और पोषण-प्रत्येक नवजात शिशु का जन्मसिद्ध अधिकार विषय पर कार्यशाला हुई।
नवजात शिशु देखभाल सप्ताह के अवसर पर आयोजित कार्यशाला में वक्ताओं ने नवजात शिशुओं की देखभाल, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, संक्रमण से बचाव, स्तनपान के महत्व और सुरक्षित प्रसव प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी।
मुख्य अतिथि प्राचार्य प्रो. राजेश मोहन ने कहा कि हर नवजात शिशु सुरक्षित जन्म, पर्याप्त पोषण और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा पाने का अधिकार रखता है। नवजात मृत्यु दर कम करने का पहला कदम है। माताओं को शिक्षित करना और अस्पताल आधारित सुविधाओं को और सुदृढ़ बनाना। विशिष्ट अतिथि मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके झा ने कहा कि नवजात शिशु देखभाल में तकनीक और प्रशिक्षण दोनों महत्वपूर्ण है। बताया कि एमसीएच विंग में स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध है और स्टाफ को समय-समय पर प्रशिक्षण देने से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ी है।
बाल रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. नम्रता चौधरी ने सप्ताह की थीम पर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि नवजात शिशु जन्म के पहले 28 दिन बेहद संवेदनशील होते हैं। उन्होंने कहा कि स्तनपान, स्वच्छता, ताप संरक्षण और संक्रमण नियंत्रण, ये चार स्तंभ हर नवजात की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। माताओं को सही जानकारी देना सबसे बड़ा उद्देश्य है।
उन्होंने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से नवजात शिशु की देखभाल से संबंधित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश और व्यावहारिक जानकारी साझा की। स्तनपान के लाभ और महत्व के बारे में भी विस्तार से बताया। प्रियंका और अलीशा ने नवजात शिशुओं में होने वाले खतरों और उनके बचाव के उपायों पर उपयोगी जानकारी दी।