डुमरियागंज नगर के पश्चिम कटान करती राप्ती नदी। संवाद
सिद्धार्थनगर। जिले में बूढ़ी राप्ती और बानगंगा नदी लोगों को फिर डराने लगी है। इनका जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे लोग सहमे हुए हैं। वहीं राप्ती समेत अन्य नदियां घटने लगी हैं। इससे तटों पर कटान का खतरा बढ़ने लगा है। रविवार को राप्ती नदी के जलस्तर में सुबह से शाम के बीच छह सेमी की कमी और बूढ़ी राप्ती में दो सेमी बढ़त दर्ज की गई।
जिले में बहने वाली नदियों का जलस्तर दो दिन से लगभग स्थिर है। कुछ सेमी घटने-बढ़ने के साथ खतरे के लाल निशान से नीचे बनी हुई हैं। रविवार शाम को राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान 84.900 मीटर से 2.54 मीटर नीचे 82.360 मीटर दर्ज किया गया। वहीं बूढ़ी राप्ती खतरे के निशान से 3.420 मीटर नीचे 82.230 पर बह रही थी। इसी तरह कूड़ा, घोघी नदियों का जलस्तर भी खतरे के लाल निशान से नीचे बना हुआ है। हालांकि नदियों खतरे के निशान से नीचे बहने के कारण बाढ़ पीड़ित राहत महसूस कर रहे हैं लेकिन किनारे पर कटान के चलते कई घरों पर खतरा बढ़ गया है। डुमरियागंज क्षेत्र में राप्ती नदी की कटान से कोहचक उर्फ बड़हरा पर कटान हो रहा है। यहां कटान से खेत व सड़क पर खतरा मंडरा रहा है।