तुलसियापुर क्षेत्र के खैरी शीतल प्रसाद की बाढ़ से बर्बाद फसल। संवाद
पथरा। राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से पथरा क्षेत्र के चार गांवों में सैकड़ों बीघा धान की फसल पानी में डूब गई है। पिछले सप्ताह हुई तेज बारिश और तूफान के बाद नदी में उफान आया। इससे पथरा ताल और सोनबरसा ताल में भी पानी भर गया।
बनकटा, विशुनपुरा, सेहरी घाट और पथरा गांव के दर्जनों किसानों की धान की फसल प्रभावित हुई है। किसानों के अनुसार, राप्ती नदी का जलस्तर लगातार ऊंचा बना हुआ है। खेतों में कई दिनों से पानी भरा होने के कारण धान की तैयार फसल खराब होने की आशंका बढ़ गई है। किसानों को डर है कि यदि जलस्तर जल्द नहीं घटा तो खेतों में खड़ी पूरी फसल बर्बाद हो सकती है। किसान खुशहाल, मनीष कुमार, विजय कुमार, बब्बू पाठक, रमेश और अरविंद सिंह ने अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि इस बार धान की फसल अच्छी होने की उम्मीद थी। फसल तैयार होने के अंतिम दौर में पानी भरने से उनकी चिंताएं बढ़ गई हैं। किसानों ने जलस्तर जल्द कम होने की उम्मीद जताई है, जिससे खेतों से पानी निकल सके और बची हुई फसल को नुकसान से बचाया जा सके।