सिद्धार्थनगर/तुलसियापुर। कठेला समय माता थाना क्षेत्र के तौलिहवा गांव के टोला कचरिहवा निवासी रामनंदे साहनी (55) के पेट में बुधवार को घुसा सरिया बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में तीन घंटे चली सर्जरी के बाद निकाल लिया गया। उनके अन्य प्रभावित अंग का इलाज भी किया गया। अब परिवार ने राहत की सांस ली है।
बेटे का कहना है कि अब उसके पिता आईसीयू में भर्ती हैं और डॉक्टर खतरे से बाहर बता रहे हैं। हादसे के वक्त रामनंदे पत्नी मुराती देवी के कहने पर पेड़ पर कद्दू तोड़ने गए थे। डाली टूट गई और निर्माणाधीन मकान के पिलर पर गिरने से सरिया आरपार हो गया था।
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के तौलिहवा गांव के टोला कचरिहवा निवासी रामनंदे साहनी पुत्र बाबूराम सात जनवरी को को सायं लगभग चार बजे पत्नी मुराती देवी के कहने पर सब्जी बनाने के लिए पेड़ पर चढ़कर कद्दू की सब्जी तोड़ रहे थे। तभी पैर सरकने से उनके शरीर का संतुलन बिगड़ गया पेड़ की डाली टूटने से वह निर्माणाधीन मकान के पिलर पर गिर गए।
इसका सरिया धंसकर उसके पेट में आर-पार हो गया। लोग डर गए, कई लोग तो चीख सुनकर भाग खड़े हो गए। लगभग 10 मिनट तक पीड़ित उसी में फंसा चीखता रहा। इसके बाद हिम्मत जुटाकर कुछ लोगों ने बाहर निकालने का असफल प्रयास किया, लेकिन चीख के आगे लोगों का कलेजा कांप जा रहा था। इसके बाद किसी ने कहा कि खींचकर निकालने के बजाय सरिया काटकर निकाला जाए।
इसके बाद एक व्यक्ति आगे आया और हिम्मत करके किसी तरह से सरिया को काटा और फिर सरिया सहित उसे माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां हालत नाजुक देखकर उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहां, उसी रात में पहुंचा और फिर डॉक्टरों की टीम ने सर्जरी करके सरिया को बाहर निकाला।
उसके पुत्र अंग्रेज ने बताया कि पेट में सरिया घुसने के बाद हम लोग उम्मीद छोड़ चुके थे। लेकिन, ऑपरेशन के बाद राहत की सांस ली। लेकिन, उस हादसे को हुए तीन दिन का वक्त गुजर चुका है। अब भी लोगों के जेहन और निगाह में वही नजारा घूम रहा है। उस वक्त का दृष्य देखने वाले तो घटना की चर्चा सुनकर सिहर जा रहे हैं।