भनवापुर। क्षेत्र में पिछले दो दिनों से हो रहे रुक-रुककर हो रही बारिश व तेज हवा से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें उभर आईं हैं। कृषि वैज्ञानिकों की मानें तो किसानों के धान की जो फसल दूधिया अवस्था में है उसके लिए बारिश फायदे मंद साबित होगी, वहीं अगर बारिश सुबह के समय तेज हवा के साथ होती है और फसल अभी फूल की अवस्था में है तो उपज कम हो जाएगी।
कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सर्वजीत ने बताया कि दो दिन से क्षेत्र में हवा के साथ हुई बारिश के दौरान किसानों को अपने धान की खड़ी फसलों को लेकर चिंता सता रही है। जिन किसानों की फसल पकने की अवस्था में है, वह खेत में गिर जाएगा और जिन किसानों के फसल में अभी फूल की अवस्था में है उसका फूल गिर जाने के कारण धान की उपज प्रभावित होगी। किसानों को हल्दिया रोग के बारे में जानकारी देते हुए डॉ. सर्वजीत ने बताया कि इस समय अधिक तापमान एवं आर्द्रता के कारण हल्दिया रोग की संभावना बढ़ गई है। किसान हल्दिया रोग से अपने फसलों को बचाने के लिए प्रोपीकोनाजोल एक मिली प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।