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Siddharthnagar News: खाद दुकानदारों के निलंबन का विरोध...होलसेलरों पर कार्रवाई की मांग

Sat, 20 Dec 2025 11:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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कलेक्ट परिसर में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने फुटकर विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी। संवफ
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- फुटकर खाद विक्रेताओं ने कृषि भवन से कलक्ट्रेट तक किया प्रदर्शन
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सिद्धार्थनगर। उर्वरक फुटकर विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन ने शनिवार को फुटकर खाद विक्रेताओं के समस्याओं के निदान के लिए प्रदर्शन किया। दुकानदारों ने कृषि भवन से नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचकर समस्या निदान के संबंध में जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन एसडीएम न्यायिक शशांक शेखर राय को सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि होलसेलर दुकानदारों के अधिक रेट से देने के कारण ही फुटकर विक्रेता अधिक दाम पर खाद बेचने को मजबूर होते हैं।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष आदर्श कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि फुटकर दुकानदारों को होलसेलरों से 300 रुपये प्रति बोरी यूरिया खरीदना पड़ रहा है। वहीं, प्रशासन की ओर से जांच और कार्रवाई फुटकर विक्रेताओं पर की जा रही है। होलसेलरों की न तो जांच और न ही कार्रवाई हो रही है। साथ ही सहकारी समितियों पर अनियमितता हो रही है, लेकिन वहां जांच व कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने फुटकर दुकानदारों की जांच अन्य विभागों से न कराने और सिर्फ कृषि विभाग से कराने, ओवररेट के लिए जिम्मेदार होल सेलर के विरुद्ध जांचकर कार्रवाई करने व निलंबित फुटकर खाद दुकानदारों को बहाल करने की मांग की है। साथ ही समितियों की जांच, सभी को समान रूप से खाद आवंटन की भी मांग की।
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इस दौरान महासचिव नीरज कुमार वर्मा, सत्यव्रत मिश्र, विनोद कुमार शुक्ल, प्रमोद वरूण, जैकी सिंह, संतोष आदि मौजूद रहे।

... तो एक बड़े नेता के संरक्षण में हो रहा खाद की कालाबाजारी
फुटकर विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन प्रदेश अध्यक्ष आदर्श कुमार श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि इटवा क्षेत्र का एक खाद का होलसेलर कहता है कि हमने सत्ताधारी पार्टी के एक बड़े नेता को पांच लाख रुपये चंदा दिया है, जिससे उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। इससे सभी दुकानदार समझते हैं कि उसी नेता के संरक्षण में ही खाद की कालाबाजारी हो रही है। इस बयान वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा, हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी इस वीडियो की पुष्टि नहीं करती है। वीडियो में उन्होंने कृषि विभाग और प्रशासन पर स्वयं का और अन्य फुटकर खाद विक्रेताओं का उत्पीड़न करने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच करने एवं फुटकर विक्रेताओं पर हुई कार्रवाई वापस लेने की मांग की है।
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