- आवेदन अग्रसारित न होने, पीएफएमएस से रिजेक्ट होने वाले छात्रों को मिलेगा मौका
- एक से 19 सितंबर तक अलग-अलग चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया
सिद्धार्थनगर। वित्तीय वर्ष 2025-26 में दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित छात्रों को शासन ने एक और मौका दिया है। शिक्षण संस्थाओं से आवेदन अग्रसारित न होने, पीएफएमएस पोर्टल से आवेदन रिजेक्ट होने और अन्य कारणों से छात्रवृत्ति का लाभ न पा सके छात्रों के लिए पोर्टल दोबारा खोला गया है। जिला समाज कल्याण अधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि इसके लिए शासन ने नई समय-सारणी जारी की है।
इसके तहत शिक्षण संस्थाओं द्वारा मास्टर डाटा लॉक करने और उसमें पाठ्यक्रम, पाठ्यक्रम का प्रकार, सीटों की संख्या, निर्धारित शुल्क और संबद्ध एजेंसी आदि का विवरण भरकर डिजिटल हस्ताक्षर से प्रमाणित करने की प्रक्रिया एक से सात सितंबर तक होगी। विश्वविद्यालय या संबद्ध एजेंसी द्वारा फीस समेत अन्य विवरण का ऑनलाइन सत्यापन दो से आठ सितंबर तक किया जाएगा।
त्रुटिपूर्ण आवेदन पत्रों को शिक्षण संस्थान स्तर से सही करने के लिए 16 से 18 सितंबर तक की समय सीमा निर्धारित की गई है। इसके बाद शिक्षण संस्थानों द्वारा आवेदन पत्रों का सत्यापन कर पात्र छात्रों का डाटा अग्रसारित और अपात्र छात्रों का डाटा निरस्त किया जाएगा। यह प्रक्रिया 17 से 19 सितंबर तक पूरी की जाएगी। विश्वविद्यालय या संबद्ध एजेंसी की ओर से रिजल्ट अपडेट करने की प्रक्रिया भी निर्धारित समय-सारणी के अनुसार पूरी की जाएगी।
जिला समाज कल्याण अधिकारी महिपाल सिंह ने बताया कि योजना के तहत उच्च कक्षाओं में अध्ययनरत उत्तर प्रदेश के मूल निवासी सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के पात्र छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति के साथ शैक्षणिक भत्ता और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ दिया जाना है। संबंधित शिक्षण संस्थाओं को निर्देश दिए गए हैं कि छात्रहित में निर्धारित समय के भीतर सभी प्रक्रियाएं पूरी कराएं और वंचित पात्र छात्रों को इसकी जानकारी दें।
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इन छात्रों को मिलेगा मौका
- शिक्षण संस्था से आवेदन अग्रसारित नहीं हो पाने वाले छात्र
- पीएफएमएस पोर्टल से आवेदन रिजेक्ट होने वाले छात्र
- अन्य तकनीकी या प्रक्रियात्मक कारणों से छात्रवृत्ति से वंचित पात्र छात्र
- योजना के नियमों के अनुसार पात्र दशमोत्तर कक्षाओं में अध्ययनरत छात्र