- घरों में पकवान बनाकर पितरों को किया समर्पित, कुलगुरुओं को भोजन कराकर दी दक्षिणा
लोटन। पंद्रह दिन तक चला पितृपक्ष शनिवार को पितृविसर्जन के साथ संपन्न हो गया। इस अवसर पर सनातन धर्म के अनुयायियों ने अपने पूर्वजों को याद किया। उन्होंने तर्पण कर श्रद्धा व्यक्त की।
घरों में तरह-तरह के पकवान बनाकर पितरों को समर्पित किए गए। इसके बाद परिवार के सदस्यों ने भोजन ग्रहण किया। कई परिवारों ने अपनी परंपरा के अनुसार कुलगुरुओं को भोजन कराया। उन्हें दक्षिणा देकर आशीर्वाद भी लिया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृपक्ष पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए होता है। इसमें तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर श्रद्धा व्यक्त की जाती है। पितृपक्ष के समापन पर पितरों को विदाई देने की परंपरा निभाई गई।
नवरात्र को लेकर बाजारों में चहल-पहल
पितृपक्ष समाप्त होने के बाद अब रविवार से शारदीय नवरात्र शुरू होंगे। इसे लेकर क्षेत्र के बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है। लोग पूजा सामग्री की खरीदारी के लिए बाजार पहुंचने लगे हैं। फल, फूल और अन्य जरूरी सामान भी खरीदे जा रहे हैं।