- पेंशनर्स कल्याण संस्था की बैठक में सात प्रस्तावों पर चर्चा, पुराने पेंशनरों के पेंशन पुनरीक्षण की मांग
सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश पेंशनर्स कल्याण संस्था की जनपद शाखा की मासिक बैठक सोमवार को पेंशनर कक्ष में हुई। इसमें पेंशनरों ने कोरोना काल में रोके गए 18 माह के महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत के बकाये का भुगतान करने के साथ आठवें वेतन आयोग में पुराने पेंशनरों का पेंशन पुनरीक्षण शामिल करने की मांग की।
जिलाध्यक्ष रामसमुझ की अध्यक्षता और मंत्री रामदास के संचालन में हुई बैठक में प्रदेश कार्यकारिणी से प्राप्त निर्देशों की जानकारी सदस्यों को दी गई। पेंशनरों ने केंद्रीय सिविल सेवा पेंशन नियमों और भारत की संचित निधि से पेंशन देनदारियों पर व्यय के सिद्धांतों के वैधीकरण से संबंधित संसद से पारित विधेयक को वापस लेने की मांग भी रखी।
सदस्यों ने कहा कि आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के विचारणीय बिंदुओं में एक जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त पेंशनरों के पेंशन पुनरीक्षण को शामिल किया जाए। सातवें वेतन आयोग की तरह आठवें वेतन आयोग में भी पुराने पेंशनरों को सभी लाभ देने के संबंध में वित्त मंत्री के बयान और आश्वासन के आधार पर शासनादेश जारी करने की मांग की गई।
इसके अलावा कोरोना काल से पहले वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनरों को रेल व हवाई यात्रा में मिलने वाली छूट बहाल करने की मांग की गई। पेंशन राशिकरण की कटौती अवधि 15 वर्ष से घटाकर अधिकतम 11 वर्ष करने का प्रस्ताव भी रखा गया।
पेंशनरों ने 80 वर्ष की आयु पर मिलने वाली 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन के स्थान पर 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पर क्रमश: पांच, 10 और 15 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन देने की मांग की।
बैठक में रामदास, कन्हैया लाल, उमाशंकर पांडेय, अरुण कुमार श्रीवास्तव और प्रभुनाथ समेत अन्य पेंशनर मौजूद रहे।