बांसी माघ मेला में बंद पड़ा झूला। संवाद
- 17 जनवरी से बांसी के राप्ती नदी के तट पर शुरू हुआ था डेढ़ माह तक चलने वाला मेला
बांसी। माघ मेला उद्घाटन के एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी झूला और खेल तमाशा को प्रशासनिक अनुमति न मिलने से इनका संचालन बंद है। जिससे मेले में आए दुकानदार और शो आइटम संचालकों के चेहरे मुरझाए हुए हैं। साथ ही रविवार को मेला देखने आई भीड़ को भी झूला आदि बंद होने के कारण निराश होकर घर वापस जाना पड़ा। मौनी अमावस्या नहान पर राप्ती नदी तट पर लगने वाले माघ मेला बांसी का उद्घाटन 17 जनवरी को हुआ था। इसके बाद से माघ मेला में देश के विभिन्न राज्यों और महानगरों से घरेलू उपयोग की दुकानें सजी हुई हैं। विभिन्न प्रकार के छोटे-बड़े झूले जैसे ज्वाइंट व्हील, ब्रेक डांस, नाव, ड्रेगन, सुनामी, डबल डिस्क, टोरा टोरा,जलपरी शो, जंगल थीम पार्क, भूत बंगला आदि लगकर तैयार हैं, लेकिन अभी तक इनके संचालन के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं मिल पाई है। कई झूला और शो संचालकों ने नाम न छापने के शर्त पर बताया कि प्रशासन ने जो भी कागजात मांगें तभी सभी उपलब्ध करा दिया है। इसके बाद भी अभी तक अनुमति नहीं मिली है। इस वजह से झूलों और शो का संचालन नहीं हो पा रहा है। रविवार होने के कारण काफी संख्या में लोग बच्चों और परिवार के साथ मेला देखने आए थे, लेकिन झूला और शो आइटम बंद होने के कारण इन्हें निराश होकर घर वापस जाना पड़ा है। इस संबंध में नगरपालिका अध्यक्ष चमन आरा राईनी के प्रतिनिधि मोहम्मद इदरीश पटवारी ने बताया कि वह अनुमति दिलाने के प्रयास में हैं, जल्द ही अनुमति मिल जाएगी और सभी झूला और शो आइटम का संचालन शुरू हो जाएगा।