मेडिकल कॉलेज में स्थित होमियोपैथी ओपीडी में मरीज के स्वास्थ्य की जानकारी लेते चिकित्सक। संवाद
- फोटो : सुकृति शॉप पर सामान देखतीं संदीक्षा सदस्य।
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में लगभग 20 वर्षों से होम्योपैथ विभाग की ओपीडी का संचालन किया जा रहा है। पहले तल पर ओपीडी का संचालन होने से बुजुर्ग मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है जबकि एक ही कमरे में सभी सुविधा होने से भी मरीजों को परेशानी होती है।
मेडिकल कॉलेज के पुराने भवन में संचालित होम्योपैथ के ओपीडी में प्रतिदिन 100 से अधिक मरीजों का इलाज किया जाता है। इसमें से कई मरीज बुजुर्ग व विकलांग भी होते हैं, जिससे प्रथम तल पर सिढि़यां चढ़कर जाने में ऐसे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, आयुष भवन के एक मात्र कक्ष में संचालित है, जहां ओपीडी, दवा वितरण और दवाइयों का पूरा स्टॉक रखे जाने से जगह की भी कमी रहती है। अधिक मरीज आने पर लोगों को बाहर खड़ा रहना पड़ता है और सीमित स्थान के कारण मरीज चिकित्सक को अपनी समस्या भी ठीक से नहीं बता पाते। चिकित्सकों के अनुसार गुर्दे की पथरी, एलर्जी, फंगल इंफेक्शन, जुकाम, दाद, मस्से जैसी शिकायतों वाले मरीज ज्यादा आते हैं।