- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से लोहिया कला भवन में सोमवार को युवा संवाद कार्यक्रम
- राष्ट्र, समाज और वर्तमान समय की चुनौतियों पर विचार साझा
सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से लोहिया कला भवन में सोमवार को युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने युवाओं से संवाद करते हुए राष्ट्र, समाज और वर्तमान समय की चुनौतियों पर विचार साझा किए। कहा कि जो समाज अपने भूतकाल के गौरव को याद रखता है, उससे प्रेरणा लेता है, वही भविष्य के सपने बुनकर राष्ट्र व समाज को उन्नति के रास्ते पर आगे बढ़ाता है।
उन्होंने कहा कि मुगलों और अंग्रेजों ने देश को गुलाम बनाकर लूटा और अपनी सभ्यता संस्कृति भी भारतीयों पर थोप दिया। हमारी शिक्षा व्यवस्था भी तहस नहस कर दिया। हमारे तत्कालीन युवाओं स्वामी विवेकानंद, आर्यभट्ट ने देश और समाज को दिशा दिखाई है। देश में दो विचारधाराएं पूंजीवाद, साम्यवाद एक साथ चल रही थी लेकिन पं. दीन दयाल उपाध्याय ने एकात्म मानववाद से पूरी मानवता को एक सूत्र में पिरोया है। देश की आजादी में नौजवानों ने अपनी जान दे दी है। भारत का युवा अन्य देशों के युवाओं के लिए हमेशा प्रेरणादायी रहा है।
वर्तमान में परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं, यह व्यवस्था में कमी का द्योतक है। युवाओं ने बेहतर भविष्य के लिए दिन रात मेहनत करते हैं और पेपर लीक होने से उनके सपने टूटे हैं। इससे उनमें रोष होना स्वाभाविक है। युवा संवाद कार्यक्रम में आए धर्मेंद्र सिंह के प्रश्न जेन जी के बीच रोष ज्यादा है और तकनीकी के दुरुपयोग को कैसे रोकें? के जवाब में कहा कि तकनीक कभी खराब नही होती है, जिस तकनीक ने जापान को तबाह कर दिया उसी से कई देशों में बिजली की आपूर्ति होती है। तकनीक का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए, आदती नहीं बनना है।
डॉ. सीमा मिश्रा के प्रश्न शिक्षा का उद्देश्य क्या होना चाहिए? के जवाब में कहा कि शिक्षा अपनी योग्यता और क्षमता को बढ़ाने के लिए होता है। गरीबों को ताकत देने, सेवा करने, देश की एकता अखंडता और तरक्की के लिए जरूरी है। शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ धनार्जन ही नही होना चाहिए। वाचस्पति मिश्रा के प्रश्न भारत के विश्व गुरु बनने से जुड़े सवाल के जवाब में कहा कि विश्व गुरु बनने के लिए सर्वांगीण विकास जरूरी है। सरकार साधन मुहैया करा सकती है युवा इन अवसरों का लाभ उठाते हुए सभी क्षेत्रों में भागीदारी करेंगे तभी भारत विश्वगुरु बनेगा।
इसी तरह राम पाठक, आराध्या पांडेय, शुभ्रा सिंह के प्रश्नों पर कहा कि भारतीय रीति-रिवाज, सभ्यता, संस्कृति, संस्कार के बारे में बात करने, जागरूक करने से ही हिंदू समाज का जागरण होगा। युवाओं को दिग्भ्रमित नही होने दें, इनसे वार्ता कर सही तथ्यों से अवगत कराएं। अपने विषय का चुनाव और कौशल में अपनी रुचि के अनुसार ही कार्य करें। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर प्रांत प्रचारक प्रमुख डॉ. अवधेश, विभाग प्रचारक राजीव नयन, सह विभाग प्रचारक अजीत, सह विभाग कार्यवाह हरिश्चंद्र, डा. रत्नाकर, मनोज कुमार, जिला प्रचारक राघवेंद्र आदि मौजूद रहे।