मेडिकल कॉलेज के परिसर में स्थित ऑक्सीजन प्लांट। संवाद
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में बना 20 हजार लीटर का लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट का लाइसेंस प्राप्त हो गया है। इससे इसमें पड़ने वाले लिक्विड के लिए पत्राचार भी कर दिया गया है। जल्द ही इसके जरिये मरीजों को ऑक्सीजन की सप्लाई की जाएगी, जिससे लोगों को परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी।
मेडिकल कॉलेज में लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट शुरू हो जाने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे मेडिकल कॉलेज के मरीजों के अलावा ऑक्सीजन जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ यहां से आपात स्थिति में अन्य जगहों पर भी तत्काल इसकी सप्लाई की जा सकेगी।
वर्तमान में शहर को आवश्यकता पड़ने पर निजी कंपनियों या दूसरे शहरों से ऑक्सीजन सिलेंडर मंगाने पड़ते हैं, जिससे न केवल समय लगता है बल्कि लागत भी अधिक आती है। इस प्लांट में ऑक्सीजन रखने के लिए पत्राचार किया गया है। लिक्विड आते ही ठंड के मौसम में सांस के मरीजों को तत्काल ऑक्सीजन मिलेगी।
इस प्लांट के जरिये जरूरत पड़ने पर इससे सिलिंडर को भी भरा जा सकता है जो अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर आसानी से उपलब्ध हो पाएगी। मेडिकल काॅलेज में वर्तमान समय में तीन भवनों में चिकित्सा सुविधा दी जाती है। इसमें से सभी भवनों में ऐसे मरीज भर्ती भी रहते हैं, जिन्हें ऑक्सीजन की जरूरत रहती है। ऐसे में इसका संचालन होने से तत्काल ही सुविधा मिलेगी जबकि ऑक्सीजन सप्लाई भी जरूरत के अनुसार तीव्र रहेगी।
ठंड के मौसम में मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 40 से 50 मरीज सांस से संबंधित भर्ती रहते हैं, जिसमें से आधे को तत्काल ऑक्सीजन की तत्काल जरूरत होती हैं। ऐसे में सुविधा होने पर उन्हें इलाज करने में और भी सुविधा होगी।र