डुमरियागंज। चकबंदी विभाग के निर्णय का फर्जी अभिलेख प्रस्तुत कर भूमि बेचने के मामले में चार नामजद समेत नौ पर डुमरियागंज पुलिस केस दर्जकर छानबीन में जुट गई है।
मामला डुमरियागंज कस्बा का है। नगर पंचायत के वार्ड संख्या-15 गांधीनगर वर्तमान पता रफीकनगर बेलवाडाड़ी थाना काेतवाली जनपद बस्ती निवासिनी सदरून्निशा की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। पीड़िता ने आरोपितों के गिरफ्तारी की मांग की है। पीड़िता सदरून निशां ने बताया कि राजस्व ग्राम डुमरियागंज में उसकी पैतृक भूमि है। जिस पर कुछ लोग कूटरचित दस्तावेज तैयार कर कब्जा कर रहे थे। जानकारी होने पर इस प्रकरण पर उसके बेटे नूर आलम ने पुलिस उपमहानिरीक्षक बस्ती को प्रार्थना पत्र दिया। जिनके निर्देश पर सीओ बृजेश कुमार वर्मा ने जांच की। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से एक राय होकर सदोष लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से वाद न्यायालय बकबंदी अधिकारी डुमरियागंज के न्यायालय का फर्जी एवं कूटरचित सरकारी दस्तावेज, आदेश तैयार कराया गया। मजहर अली, अतहर अली, असरफ अली द्वारा भूमि को बनवारी लाल निवासी बैदौलागढ़ थाना डुमरियागंज को रजिस्ट्री बैनामा कर दिया गया है।
इन लोगों ने मिलकर कूटरचित व फर्जी दस्तावेज हिब्बानामा, वफ्फ तैयार किया है, जिसमें केस दर्जकर जांच करने की संस्तुति की गई। इसके बाद पुलिस ने 10 अक्तूबर को डुमरियागंज निवासी मुस्तकीम, मजहर अली, अतहर अली, असरफ अली व पांच अन्य समेत नौ लोगों पर जालसाजी एवं धोखाधड़ी आदि धाराओं में केस दर्ज किया है। पीड़िता का कहना है कि पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार नहीं की और वह खुलेआम घूम रहे हैं और वह लोग उन्हें दर्ज मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाने के साथ ही धमकी भी दे रहे हैं। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाए। डुमरियागंज थाना प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश यादव ने बताया कि तहरीर के आधार पर नामजद आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज कर मामले में छानबीन की जा रही है।