सिद्धार्थनगर। खेसरहा थाना क्षेत्र के अकोल्ही गांव में नवजात की मौत के मामले में शनिवार को मुंबई पुलिस की टीम ने डीएनए जांच के लिए कब्र से शव निकलवाया। डीएम के आदेश पर एसडीएम बांसी विश्वमित्र सिंह की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार, अकोल्ही गांव निवासी रौनक अली (35) मुंबई के गोवंडी स्थित बैंगनवाड़ी इलाके में रहता था। आरोप है कि वहां उसका एक 14 वर्षीय नाबालिग से संबंध हो गया। नाबालिग के पिता से दोस्ती होने के कारण उसका घर आना-जाना था। आरोप है कि शादी का झांसा देकर वह 25 अगस्त को नाबालिग को अपने गांव अकोल्ही ले आया।
छह सितंबर को नाबालिग ने खेसरहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बेटे को जन्म दिया। इसके करीब एक महीने बाद सात अक्टूबर को तबीयत खराब होने से नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने गांव में ही उसका अंतिम संस्कार करने के बजाय शव को दफना दिया था।
नवजात की मौत की जानकारी मुंबई में रहने वाले नाबालिग के परिजनों को हुई तो उन्होंने शिवाजीनगर थाने में रौनक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई।
मामले की जांच के लिए बृहस्पतिवार को मुंबई पुलिस की उपनिरीक्षक सुवर्णा सत्यवान आदक और सूरज निंबालकर की टीम सिद्धार्थनगर पहुंची। पुलिस टीम ने स्थानीय अधिकारियों से संपर्क कर आगे की कार्रवाई के लिए आवश्यक अनुमति प्राप्त की।
डीएम के आदेश के बाद शनिवार को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में शव को कब्र से बाहर निकाला गया। अब पोस्टमार्टम और डीएनए जांच के जरिए मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। जांच से नवजात और आरोपी के बीच जैविक संबंधों की पुष्टि करने में मदद मिलेगी।
इस संबंध में खेसरहा थानाध्यक्ष रामकृष्ण मिश्र ने बताया कि मामला मुंबई का है। डीएम के आदेश के बाद शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।