सिद्धार्थनगर। केंद्रीय बजट में युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में बढ़ावा देने की घोषणा ने नई उम्मीद जगाई है। सरकार ने एआई स्किल डेवलपमेंट, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी आधारित रोजगार पर जोर देने की बात कही है, लेकिन सीमावर्ती और अपेक्षाकृत पिछड़े जिलों में शामिल सिद्धार्थनगर के लिए यह घोषणा कितनी व्यावहारिक है, इसे लेकर युवाओं के बीच उत्साह के साथ सवाल भी हैं।
विषय के जानकार बताते हैं कि सिद्धार्थनगर में बड़ी संख्या में युवा उच्च शिक्षा के बाद रोजगार की तलाश में हैं। यहां सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, आईटीआई और निजी शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र एआई, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल स्किल्स के बारे में जानना तो चाहते हैं, लेकिन संसाधनों की कमी उन्हें पीछे खींचती है। जिले में न तो कोई विशेष एआई ट्रेनिंग सेंटर है और न ही इंडस्ट्री से जुड़ा कोई मजबूत प्लेटफॉर्म ही है।
युवाओं का कहना है कि बजट में एआई को लेकर जो घोषणाएं की गई हैं, अगर उनका लाभ जमीन तक पहुंचाना है तो छोटे जिलों में ट्रेनिंग हब, हाई-स्पीड इंटरनेट और इंडस्ट्री लिंक जरूरी होंगे। अभी स्थिति यह है कि एआई सीखने के लिए ऑनलाइन कोर्स ही एकमात्र विकल्प हैं, जिन तक सभी की पहुंच नहीं है।