- जिले के प्रमुख राधा-कृष्ण मंदिरों में झांकी, भजन और जन्माभिषेक की तैयारी पूरी
- रात 11:57 बजे से निशीथ काल पूजा, 12 बजे शंखनाद के साथ होगी महाआरती
- श्रद्धालुओं के लिए फूल, प्रसाद, चरणामृत और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था
सिद्धार्थनगर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शुक्रवार को जिले के मंदिर नंद महोत्सव की आभा से जगमगा उठेंगे। नौगढ़, बांसी, डुमरियागंज, इटवा और शोहरतगढ़ क्षेत्र के प्रमुख राधा-कृष्ण मंदिरों में आकर्षक झांकियां सजाई गई हैं। मंदिरों में शाम से भजन-कीर्तन शुरू होगा जबकि मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव शंख, घंटा-घड़ियाल और वेद मंत्रों के बीच मनाया जाएगा।
मंदिर समितियों के अनुसार श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए दर्शन की अलग कतार, प्रसाद वितरण और पेयजल की व्यवस्था की गई है। कई मंदिरों में बाल गोपाल का पंचामृत से अभिषेक कर नए वस्त्र, मुकुट और झूले में विराजमान कराया जाएगा। महिलाओं की मंडलियां पारंपरिक सोहर और नंदोत्सव के भजन प्रस्तुत करेंगी।
पंडित सुधीर त्रिपाठी के अनुसार पूजन का सर्वश्रेष्ठ समय रात 11:57 बजे से 12:43 बजे तक रहेगा। इसी दौरान जन्माभिषेक, आरती और माखन-मिश्री का भोग अर्पित किया जाएगा। मंदिरों में श्रद्धालुओं से प्लास्टिक मुक्त पूजा सामग्री लाने और परिसर की स्वच्छता बनाए रखने की भी अपील की गई है।