शाहपुर। लाल आखें, कंपकंपी और फिर शरीर के कुछ हिस्सों की हरकत बंद। यह हाल है खुनियांव ब्लाॅक क्षेत्र के ग्राम पंचायत लक्ष्मणपुर उर्फ बल्ली जोत के टोला बड़हरा का, जहां रहस्यमय बीमारी से सालों से लोग जूझ रहे हैं।
इसमें कई जिंदगी गवां चुके हैं तो वहीं कुछ बीमारी की गिरफ्त में हैं, जिनका शरीर देखते ही देखते कमजोर पड़ता जा रहा है। देखने में लकवा (पैरालिसिस) जैसे लक्षण हैं, लेकिन बीमारी के पीछे की असली वजह से अब तक लोग अनजान हैं। वहीं, सबकुछ ठीक होने का दम भरने वाले स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों को गांव की हकीकत के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है।
जानकारी के अनुसार, लक्ष्मणपुर उर्फ बल्ली जोत गांव के टोला बड़हरा में लोगों की जिंदगी मुश्किल से कट रही है। उनका रहना दूभर हो गया है। गांव में दिन आए दिन रहस्यमय बीमारी से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ रही है। ग्रामीणों की हालत यह है कि वे परिवार के दवा-इलाज कराने में घर-खेत तक बेच चुके हैं। इसके बाद भी कई परिवारों को इस बीमारी से राहत नहीं मिली है। वहीं, बड़ी संख्या में लोग इससे पीड़ित हैं। लोगों ने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया है। वहीं पानी की व्यवस्था न होने से गांव में लोग देसी नल से प्यास से बुझा रहे हैं।
गांव के रहने वाले कोमल निषाद (35) ने बताया कि पिछले सात सालों से वह इस रहस्यमय बीमारी से ग्रस्त हैं। लकवे जैसे लक्षण वाली इस बीमारी के इलाज में उनके लाखों रुपये खर्च हो गए। फिर भी बीमारी में कोई सुधार नहीं हुआ। थक-हारकर घर पर एक छोटा सी दुकान खोली है। अब बच्चे भी बड़े हो रहे हैं, जिनके शादी-विवाह की चिंता सता रही है। जो कुछ घर में रखा था सबकुछ दवा-इलाज में खत्म हो चुका है। वहीं, पार्वती (13) ने कहा एक वर्ष पहले तक ठीक थी। कहीं कोई परेशानी नहीं थी। आम बच्चों की तरह खेलते कूदते हर दिन स्कूल जाती थी। एक दिन अचानक शरीर में कंपकंपी होने लगी। धीरे-धीरे पैर ने काम करना बंद कर दिया।