बांसी। मिठवल से बघनी घाट स्थित राप्ती पुल तक जाने वाली सड़क पर दोनों ओर उगे झाड़ और पटरी पर बढ़ते अतिक्रमण से राहगीरों व वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराने और झाड़ साफ कराने की मांग की है।
राप्ती नदी पर बघनी घाट पुल बनने के बाद इस मार्ग से पथरा क्षेत्र का सीधा संपर्क बांसी-इटवा मुख्य मार्ग से हो गया है। इससे करीब 25 किलोमीटर की दूरी कम हुई है और मिठवल से मात्र आठ किलोमीटर में गोल्हौरा पहुंचना संभव हो गया है। यही रास्ता इटवा, चेतिया, शोहरतगढ़ और नेपाल सीमा तक आवागमन के लिए भी महत्वपूर्ण बन गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि मिठवल से बरगदी के बीच सड़क की पटरी पर धीरे-धीरे अतिक्रमण बढ़ गया है। कुछ लोगों ने सड़क की भूमि काटकर उसे अपने खेत में मिला लिया है, जिससे सड़क पहले की तुलना में काफी संकरी हो गई है। आमने-सामने से दो बड़े वाहनों के गुजरने में भी दिक्कत होती है।
क्षेत्र निवासी देवेंद्र धर, मुकेश कुमार और अनिल कुमार ने बताया कि सड़क के किनारे बनी नलकूप नाली तक अतिक्रमण की चपेट में है। उन्होंने प्रशासन से पैमाइश कराकर सड़क की मूल चौड़ाई बहाल करने की मांग की है।
लोक निर्माण विभाग बांसी के अधिशाषी अभियंता विवेक कुमार राय ने बताया कि जल्द ही सड़क का निरीक्षण कराया जाएगा। झाड़ की सफाई कराई जाएगी और अतिक्रमण मिलने पर पैमाइश के लिए राजस्व विभाग को पत्र भेजा जाएगा।