- राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 3.0 के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कराई सुलह
- 31 दिसंबर तक वैवाहिक समेत विभिन्न मामलों का सुलह-समझौते से होगा निस्तारण
सिद्धार्थनगर। आपसी मनमुटाव के कारण लंबे समय से अलग रह रहे एक दंपती ने मध्यस्थता के जरिये पुराने गिले-शिकवे भुलाकर फिर से साथ रहने का फैसला किया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल पर मध्यस्थ अधिवक्ता सुशील चंद्र शुक्ल ने दोनों पक्षों के बीच सुलह वार्ता कराई। बातचीत के बाद पति-पत्नी आपसी सहमति से साथ रहने को राजी हो गए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव शैलेन्द्र नाथ के अनुसार, राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 3.0 के तहत रीना पत्नी आकाश कुमार विश्वकर्मा, निवासी बड़गो बनकसिया, पोस्ट भडेहर ग्रांट, थाना चिल्हिया ने वाद दाखिल किया था। सचिव ने मामले में मध्यस्थ अधिवक्ता सुशील चंद्र शुक्ल को सुलह-समझौता कराने की जिम्मेदारी सौंपी। मध्यस्थता के दौरान दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण बातचीत कराई गई। इसके बाद दोनों ने साथ रहने पर सहमति जताई।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ और सुप्रीम कोर्ट की मीडिएशन एंड कंसिलिएशन प्रोजेक्ट कमेटी के तत्वावधान में राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 3.0 एक अगस्त से 31 दिसंबर 2026 तक चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मामलों का अधिक से अधिक संख्या में सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण करना है।
अभियान के तहत वैवाहिक विवाद, दुर्घटना दावे, उपभोक्ता विवाद, संपत्ति बंटवारे, बेदखली, भूमि अधिग्रहण, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस और उपयुक्त दीवानी व आपराधिक मामलों का मध्यस्थता के जरिये समाधान कराया जा सकता है।