शहर के उसका मार्ग पर ठंड में ठिठुरते हुए आवागमन करते लोग। संवाद
सिद्धार्थनगर। पिछले कई दिनों से पड़ रही शीतलहर और कड़ाके की ठंड से शनिवार को अधिकतम व न्यूनतम तापमान के बीच का अंतर सिमट गया है। मात्र तीन डिग्री के अंतर से लोग दिनभर ठिठुरने पर मजबूर रहे। शनिवार को सबसे अधिक गलन रही। इससे एक बार फिर तराई पूरी तरह से ठंड की आगोश में आ गया।
पिछले 10 दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड से बृहस्पतिवार को धूप खिलने से लोगों को राहत मिली, हालांकि गलन में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आई थी। मगर शुक्रवार को फिर एक बार ठंड और गलन बढ़ गई, जिससे तराई क्षेत्र में लोग ठिठुरने को मजबूर हुए। तराई में ठंड का असर बढ़ता जा रहा है। शनिवार को सर्द पछुआ हवा के झोकों ने ठिठुरन और बढ़ा दी। आसमान में बादल छाए रहे।
सुबह 11 बजे तक घना कोहरा छाया रहा, इससे वाहन सड़कों पर रेंगते नजर आए। दोपहर बाद कोहरा कुछ कम हुआ, लेकिन ठंडक बरकरार रही। शाम होते ही फिर ठंड ने लोगों को बेहाल कर दिया। तापमान गिरने के साथ ही जुकाम, खांसी, बुखार के मरीज तेजी से बढ़े हैं। डॉ. सीबी चौधरी ने बताया कि इस समय सांस से संबंधित परेशानी, सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीज अधिक आ रहे हैं। कई मरीज सिरदर्द और गले में खराश की शिकायत लेकर भी पहुंच रहे हैं।