सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ शाखा जनपद इकाई के पदाधिकारियों ने सांसद जगदंबिका पाल से मुलाकात कर टीईटी अनिवार्यता को समाप्त करने के लिए ज्ञापन सौंपा।
प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन में संघ ने तर्क दिया कि आरटीई लागू होने से पहले नियमों के अनुरूप नियुक्त किए गए शिक्षकों पर बाद में टीईटी की शर्त थोपना न्यायसंगत नहीं है। सांसद जगदंबिका पाल को प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष व जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी की अगुवाई में पदाधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से यह मुद्दा शिक्षकों के बीच चिंता का विषय बना हुआ है और इससे हजारों शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से इस संबंध में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।
शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के मुताबिक सांसद जगदंबिका पाल ने शिक्षक संघ की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि वह इस विषय को 15 दिसंबर को संसद में प्रमुखता से उठाएंगे तथा शिक्षकों के हित में समाधान का प्रयास करेंगे। संघ के पदाधिकारियों ने सांसद के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार होगा।